JHARKHAND (JAMTARA): झारखंड के जिला जामताड़ा से पांच युवकों को कश्मीर ले जाया गया था. जहां से इनके द्वारा एक वीडियो भेजा गया, जिसमें युवक ले गए ठेकेदारों पर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि उन्हें बंधक बनाकर रखा जा रहा है. वही छोड़ने के लिए 30 से 50 हजार रुपयों की मांग की जा रही है. उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि सरकार उनकी मदद करें.
मजदूरों को मिल रही जान से मारने की धमकी
वीडियो में बताए अनुसार युवकों को कश्मीर के मिहिजाम इलाके की है. जहां उन्हें रोजगार का लालच देकर ले जाया गया था. मजदूरों ने बताया कि अब उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है.

ये हैं पांचों युवकों के नाम
जान जाने के भय में जी रहे ये मजदूर मिहिजाम के रेललाइन पार गांधी नगर इलाके के निवासी हैं. पीड़ितों के नाम रवि मुसहर, दिलीप बाउरी, शिवा दास, भोला तुरी और सिकंदर तुरी बताए गए हैं. मजदूरों का कहना है कि करीब एक माह पहले दुमका निवासी विजय मिर्धा, मालिक मिर्धा और एक अन्य ठेकेदार उन्हें बेहतर मजदूरी का झांसा देकर कश्मीर ले गए थे.

सरकार से लगाई गुहार
रोजगार की तलाश में कश्मीर गए पांच जामताड़ा जिले के मजदूरों को कश्मीर में बंधक बना लिया गया है और 30-40 हजार रुपए की मांग की जा रही है. वहीं नहीं देने पर जान मारने की धमकी दी जा रही है. मजदूरों ने वीडियो जारी कर सुरक्षा की गुहार लगाई है. साथ ही वापस बुलाने का मांग प्रशासन से किया है. वे लोग मूल रूप से मिहिजाम शहर के रहने वाले हैं. दुमका के एक ठेकेदार के माध्यम से वे लोग कश्मीर रोड निर्माण कार्य में काम करने के लिए गए थे.
मजदूरों ने मिहिजाम के सामाजिक संगठनों और झारखंड प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है. इस मामले पर अब तक सरकार या प्रशासन द्वारा कोई अपडेट जारी नहीं किया गया है. बताई गई सारी जानकारी का स्रोत युवकों द्वारा साझा की गई वीडियो को ही माना गया है.









