क्या कोरोना की वैक्सीन से हुई अमेरिकी सैनिकों की मौत?, फेडरल कोर्ट में गवाही के बाद...
अमेरिकी सेना की डॉक्टर थेरेसा लॉन्ग ने फेडरल कोर्ट में बताया कि कोविड वैक्सीन के बाद सैन्यकर्मियों की 2,544 अपुष्ट मौतों की जांच की जा रही है। हालांकि VAERS में दर्ज रिपोर्टें अपने आप वैक्सीन से मौत का कारण साबित नहीं करतीं।

COVID-19 Vaccine ; अमेरिका में एक बार फिर COVID-19 वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अमेरिकी सेना की डॉक्टर थेरेसा लॉन्ग ने वर्जीनिया की एक फेडरल कोर्ट में बयान देते हुए कहा है कि वह उन मामलों की जांच कर रही हैं, जिनमें अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत को कोरोना के टीके से संभावित रूप से जोड़ा गया है।
'रशिया टुडे' की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट में दिए गए बयान में लॉन्ग ने बताया कि वे वैक्सीन एडवर्स इवेंट रिपोर्टिंग सिस्टम (VAERS) में दर्ज 2,544 मौतों के आंकड़ों की समीक्षा कर रही हैं। फिलहाल ये सभी मामले अपुष्ट हैं और जांच का मुख्य मकसद यह पता लगाना है कि इनमें से कितनी मौतों का असल में वैक्सीन से कोई संबंध था।
व्यक्तिगत रूप से जानती हूं 28 ऐसे मामले, पर जानकारी सार्वजनिक करने की इजाजत नहीं
डॉक्टर थेरेसा लॉन्ग ने अदालत में यह भी कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से 28 ऐसे लोगों के बारे में जानती हैं, जिनकी मौत को वे सीधे तौर पर कोरोना के टीके से जोड़कर देखती हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इन मामलों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की कानूनी अनुमति नहीं है।
आपको बता दें कि लॉन्ग को स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ. केनेडी जूनियर के वरिष्ठ सैन्य चिकित्सा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्हें महामारी के दौरान सैन्य स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था और दो सैन्य मेडिकल डेटाबेस की समीक्षा का जिम्मा मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि यह जांच प्रक्रिया करीब एक साल में पूरी हो जाएगी।
VAERS में रिपोर्ट दर्ज होने का मतलब वैक्सीन से मौत नहीं
इस पूरे मामले में एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंतर को समझना जरूरी है। VAERS डेटाबेस में किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मौत की रिपोर्ट दर्ज होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं होता कि वह घटना टीके की वजह से ही हुई है।
VAERS दरअसल एक निगरानी प्रणाली है, जहां टीकाकरण के बाद सामने आने वाली किसी भी घटना की रिपोर्ट दर्ज की जाती है। किसी भी घटना का टीके से सीधा संबंध साबित करने के लिए अलग से चिकित्सकीय और वैज्ञानिक जांच की जरूरत होती है। इसलिए 2,544 का आंकड़ा "टीके से हुई मौतें" नहीं है, बल्कि यह सिर्फ जांच के दायरे में आई मौतों की एक सूची है।
पूर्व सैन्य अधिकारी के मुकदमे में सामने आई गवाही
डॉक्टर लॉन्ग की यह गवाही पूर्व सैन्य स्वास्थ्य अधिकारी टेरी एडिरिम से जुड़े एक मुकदमे के दौरान दर्ज की गई। एडिरिम ने अपनी बर्खास्तगी को कोर्ट में चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि उन्हें राजनीतिक वजहों से निशाना बनाया गया। वहीं दूसरी तरफ सीआईए का कहना है कि यह पूरा विवाद रोजगार और कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा हुआ है।
गौरतलब है कि महामारी के समय अमेरिकी सेना में सभी के लिए कोरोना वैक्सीन लगवाना अनिवार्य किया गया था। उस वक्त टीका लगवाने से इनकार करने वाले हजारों सैन्यकर्मियों को नौकरी से बाहर कर दिया गया था। हालांकि, बाद में अमेरिकी सरकार ने इस अनिवार्य नीति को खत्म कर दिया और हटाए गए सैनिकों की वापसी का रास्ता साफ किया।
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