भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत आधी रात बिगड़ी, ग्लूकोज लेवल 53 तक गिरा
JPSC-JSSC अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर लगातार डटे हुए हैं। देवेंद्र महतो इस पूरे आंदोलन की अगुवाई कर रहे प्रमुख चेहरों में से एक हैं।

JPSC-JSSC Protest: रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर पिछले 8 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई है। आधी रात को उनके स्वास्थ्य में आई इस भारी गिरावट के बाद धरना स्थल पर मौजूद अन्य छात्रों और समर्थकों के बीच हड़कंप मच गया।
रात 3 बजे अचानक बिगड़ी हालत, ग्लूकोज लेवल 53 पहुंचा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात करीब 3 बजे देवेंद्र नाथ महतो को अचानक काफी बेचैनी और कमजोरी महसूस होने लगी। स्थिति बिगड़ती देख आनन-फानन में मौके पर मेडिकल टीम को बुलाया गया। डॉक्टरों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उनका ग्लूकोज (Glc) लेवल गिरकर महज 53 पर पहुंच गया है। चिकित्सकीय दृष्टिकोण से ग्लूकोज का इस स्तर तक नीचे जाना एक बेहद चिंताजनक स्थिति है, जिसके बाद तुरंत इलाज की प्रक्रिया शुरू की गई।
सलाइन के जरिए डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी
ग्लूकोज का स्तर खतरनाक रूप से कम होने के कारण डॉक्टरों ने बिना कोई देरी किए मौके पर ही उन्हें सलाइन (Saline) चढ़ाना शुरू कर दिया। फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो डॉक्टरों की कड़ी देख-रेख और निरंतर निगरानी में हैं। सलाइन के माध्यम से उनका उपचार जारी है और मेडिकल टीम उनके स्वास्थ्य के हर उतार-चढ़ाव पर बारीक नजर बनाए हुए है।
छात्र आंदोलन के बीच स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंताएं
गौरतलब है कि राज्य के युवा और JPSC-JSSC अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर लगातार डटे हुए हैं। देवेंद्र महतो इस पूरे आंदोलन की अगुवाई कर रहे प्रमुख चेहरों में से एक हैं। लगातार 8 दिनों से जारी उनके आमरण अनशन और अन्न त्यागने के कारण उनका शरीर अब कमजोर पड़ने लगा है। इस घटना के बाद उग्र होते छात्र आंदोलन के बीच अनशनकारियों के स्वास्थ्य और जीवन रक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं, जिससे राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर भी दबाव और अधिक बढ़ गया है।
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