धनबाद के चर्चित रंजय सिंह हत्याकांड में कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
कोयलांचल धनबाद के सबसे चर्चित और राजनीतिक रूप से संवेदनशील रंजय सिंह हत्याकांड में शनिवार को आने वाला फैसला फिलहाल टल गया है
Dhanbad: कोयलांचल धनबाद के सबसे चर्चित और राजनीतिक रूप से संवेदनशील रंजय सिंह हत्याकांड में शनिवार को आने वाला फैसला फिलहाल टल गया है। धनबाद की विशेष एमपी-एमएलए (MP-MLA) अदालत ने दोनों पक्षों की अंतिम बहस और दलीलों को विस्तार से सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। 29 जनवरी 2017 को हुई इस हत्या के करीब 9 साल बाद अदालत द्वारा आरोपियों के भाग्य का फैसला सुनाए जाने की उम्मीद थी, जिसके चलते दिनभर कोयलांचल के राजनीतिक और आपराधिक गलियारों में गहमागहमी का माहौल बना रहा।
शूटर नंदकुमार और हर्ष सिंह पर टिकी निगाहें
इस हाई-प्रोफाइल मामले में दो मुख्य आरोपी अदालत के सामने हैं। पुलिस जांच के मुताबिक, नंदकुमार सिंह घटना का मुख्य शूटर था, जो वारदात के बाद से ही लगातार जेल में बंद है। वहीं, झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के देवर हर्ष सिंह पर इस हत्या की साजिश रचने और शूटरों को लॉजिस्टिक व वित्तीय बैकअप देने का गंभीर आरोप है। अदालत में बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता समर श्रीवास्तव ने पुलिस की जांच थ्योरी को चुनौती देते हुए अपने मुवक्किलों के पक्ष में मजबूत दलीलें पेश कीं और राहत की मांग की।
चाणक्य नगर गेट के पास हुई थी अंधाधुंध फायरिंग
यह वारदात 29 जनवरी 2017 की शाम सरायढेला थाना क्षेत्र के चाणक्य नगर गेट के पास हुई थी। पूर्व विधायक संजीव सिंह के बेहद करीबी माने जाने वाले रंजय सिंह अपने साथी राजा यादव के साथ बाइक से जा रहे थे, तभी घात लगाए हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। मौके पर ही रंजय सिंह की मौत हो गई थी, जबकि राजा यादव बाल-बाल बच गए थे। बाद में राजा यादव ही इस पूरे मुकदमे में अभियोजन पक्ष के मुख्य चश्मदीद गवाह बने।
23 गवाहों की पेशी के बाद पूरी हुई बहस
लगभग नौ साल तक चले इस लंबे ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 23 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। गवाहों के बयानों, पुलिस की केस डायरी और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी अंतिम बहस पूरी की, जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
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