बिना टेंडर और बोर्ड लगाए चल रहा था खगड़ा मेला के मुख्य द्वार का निर्माण कार्य, DM ने लगाई रोक !
सुप्रसिद्ध खगड़ा मेला वर्षों पूर्व 1883 ई. से ही खगड़ा नवाब के पिता सैयद अता हुसैन मिर्जा लगाया जाता था तब से इस मेले की यह परंपरा चलती आ रही है.

Kishanganj (Bihar): बिहार गृह मंत्री के आदेश पर इन दिनों पूरे राज्य में अवैध निर्माण पर बुलडोजर चल रही है. वहीं दूसरी तरफ सीमांचल जिला किशनगंज नगर परिषद द्वारा अवैध रूप से बिना टेंडर के निर्माण करने पर कई सवाल उठने लगे है जिसमें एशिया के सुप्रसिद्ध खगड़ा मेला भी शामिल है.
इस मेले की पहचान से किशनगंज की एक अलग पहचान रही है आपको बता दें, यह मेला वर्षों पूर्व 1883 ई. से ही खगड़ा नवाब के पिता सैयद अता हुसैन मिर्जा लगाया जाता था तब से इस मेले की यह परंपरा चलती आ रही है. हालांकि फर्क सिर्फ इतनी है कि उस वक्त मेला एक भव्य भूखंड में लगता था जो अब सिमटकर छोटी सी हो गई है. लेकिन बवजूद यह मेला प्रत्येक वर्ष के शुरूआत में एक महीने के लिए आयोजित किया जाता है. जिसका डाक आज भी करोड़ों में होता है.
इस खगड़ा मेला का मुख्य द्वार का कार्य निर्माण बिना किसी टेंडर, बिना कोई राशि का बोर्ड लगाए बिना ही अवैध रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा था जिसका विरोध स्थानीय वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मोहम्मद मकसूद अंसारी उर्फ अनवर सहित स्थानीय लोग करने लगे. वहीं, इस मामले में जब जिला पदाधिकारी विशाल राज से मीडिया द्वारा पूछा गया तो उन्होंने कहा बिना प्रॉपर टेंडर के बिना योजना बोर्ड का काम नहीं होगा. अगर कोई नियमों का उल्लंघन करते हैं तो उनपर कार्रवाई होगी.
वहीं, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने कहा कि यह योजना दो वर्ष पूर्व भी ली गई थी यह नगर परिषद बोर्ड द्वारा निर्णय लिया गया था जर्जर गेट को देखते हुए निर्माण कार्य तब नहीं हुआ था अब निर्माण कार्य किया जा रहा है 15 लाख तक का काम बिना निविदा का भी हो सकता है.
रिपोर्ट- शम्भु कुमार
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