मंईयां और सावित्रीबाई फुले योजना बंद कराने की साजिश!, दुमका में गरजीं मंत्री दीपिका पांडे सिंह, MMDR बिल पर केंद्र को घेरा
दुमका में कांग्रेस के धरने में मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने MMDR बिल का विरोध किया। उन्होंने खनिज राजस्व घटने से मंईयां सम्मान और सावित्रीबाई फुले योजनाओं पर असर की आशंका जताई।

Dumka: चंदा चोरी प्रकरण और केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ गुरुवार को दुमका में सियासी संग्राम छिड़ गया। जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में शहर के व्यस्त वीर कुंवर सिंह चौक पर एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। जिला अध्यक्ष स्टीफन मरांडी के नेतृत्व में आयोजित इस महाधरने में प्रदेश के दो कद्दावर चेहरे, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी मुख्य रूप से शामिल हुए। धरने में जुटे सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और नए खनिज कानून के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसे राज्य के आर्थिक अधिकारों पर सीधा हमला करार दिया।
'झारखंड के संसाधनों पर पहला हक यहां की जनता का'
धरने को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दो टूक कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों पर सबसे पहला और अंतिम अधिकार यहां के मूल निवासियों और आदिवासियों का है। उन्होंने कहा कि यह हमारी माटी, हमारा खनिज, हमारा जंगल और हमारा पानी है, इसलिए इन संसाधनों से मिलने वाले राजस्व का शत-प्रतिशत इस्तेमाल झारखंड की जनता की भलाई के लिए होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार राज्यों के वित्तीय और संवैधानिक अधिकारों का गला घोंटने की कोशिश कर रही है।
मंईयां सम्मान और सावित्रीबाई फुले जैसी योजनाएं बंद होने का जताया अंदेशा
मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ने राज्यों के खनिज और राजस्व पर कब्जा जमा लिया, तो इसका सबसे घातक असर झारखंड सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने बलबूते मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना और सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही है, लेकिन केंद्र का यह नया कानून लागू हुआ तो इन सभी जनहितकारी योजनाओं पर ताला लग जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मौजूदा सरकार देश की 140 करोड़ जनता के बजाय केवल अडानी और अंबानी जैसे दो बड़े उद्योगपतियों के मुनाफे के लिए फैसले ले रही है।
'कृषि कानून की तरह इसे भी वापस लेना पड़ेगा', 2029 में राहुल गांधी को पीएम बनाने का आह्वान
चंदा चोरी के मुद्दे पर भी केंद्र को घेरते हुए मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी झारखंड के जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद तक आर-पार की लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने याद दिलाया कि केंद्र सरकार इससे पहले भी तीन काले कृषि कानून और भूमि अधिग्रहण से जुड़े जनविरोधी नियम लेकर आई थी, लेकिन जनता के भारी विरोध के आगे सरकार को झुकना पड़ा और कानून वापस लेने पड़े। उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी जनता के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं और झारखंड के हक की यह लड़ाई अब राष्ट्रीय स्तर पर लड़ी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि 2026 के इन संघर्षों के दम पर 2029 के लोकसभा चुनाव में देश की जनता राहुल गांधी को देश का अगला प्रधानमंत्री बनाएगी।
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