रांची में आंदोलनकारियों का समर्थन करने पहुंचीं कांग्रेस नेत्री अंबा प्रसाद, बोलीं- सिर्फ इस्तीफे से काम नहीं चलेगा, एजेंसी प्रथा हो खत्म
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद के बीच कांग्रेस नेत्री अंबा प्रसाद ने रांची में आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनका समर्थन किया।

JPSC-JSSC Paper Leak: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच हजारीबाग की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचीं, जहां छात्र धरने और आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। वहां पहुंचकर उन्होंने अनशन कर रहे देवेंद्र नाथ महतो और महेंद्र मंडल से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। अंबा प्रसाद ने छात्रों के इस आंदोलन को पूरी तरह से अपना समर्थन देते हुए सरकार और परीक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए हैं।
प्राइवेट एजेंसियों के भरोसे परीक्षा कराना भ्रष्टाचार की बड़ी वजह
अंबा प्रसाद ने परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज परीक्षाओं की जिम्मेदारी निजी हाथों में सौंप दी गई है, जो इस पूरे भ्रष्टाचार और पेपर लीक की सबसे बड़ी जड़ बन गई है। निजी एजेंसियों के आने से परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और इसका खामियाजा सीधे तौर पर बेरोजगार युवाओं को भुगतना पड़ रहा है।
बड़े अफसरों पर क्यों नहीं होती कोई कार्रवाई?
देशभर में सामने आने वाले पेपर लीक के मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में कार्रवाई हमेशा निचले स्तर तक ही सीमित रह जाती है। जिन बड़े और जिम्मेदार अधिकारियों के कंधों पर परीक्षा की सफलता की जिम्मेदारी होती है, उन पर न तो कोई एफआईआर दर्ज होती है और न ही उनकी जवाबदेही तय की जाती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सिर्फ किसी मंत्री या अधिकारी के इस्तीफे देने भर से इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं होने वाला है, इसके लिए पूरी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत है।
कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती के साथ छात्रों के साथ खड़ी है
अपनी बात रखते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही वह इस समय सरकार का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन उनकी पार्टी यानी कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से छात्रों के इस आंदोलन के साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच सही संवाद स्थापित करने के लिए कांग्रेस की तरफ से एक विशेष प्रतिनिधिमंडल तैयार किया गया है, जो बहुत जल्द इन छात्रों से मुलाकात करेगा।
खुद भी अभ्यर्थी रह चुकी हैं अंबा, समझा युवाओं का दर्द
खुद भी प्रतियोगी परीक्षाओं की अभ्यर्थी रह चुकीं अंबा प्रसाद ने छात्रों के दर्द को बहुत करीब से महसूस किया है। उन्होंने कहा कि सालों तक दिन-रात कड़ी मेहनत करने के बाद जब पेपर लीक या धांधली की वजह से परीक्षाएं प्रभावित होती हैं, तो उसका जो सदमा छात्रों और उनके परिवार वालों को लगता है, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य के साथ किया गया एक बेहद गंभीर अपराध बताया, जिसकी कोई माफी नहीं हो सकती।
एजेंसी प्रथा को खत्म कर पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग
अंत में उन्होंने सरकार के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी होने पर छोटे-मोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाने के बजाय सीधे तौर पर जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं पर हमेशा के लिए रोक लगाने के लिए परीक्षा आयोजित कराने वाली निजी एजेंसी प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर एक पारदर्शी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
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