Jharkhand (Hazaribag): हजारीबाग जिले के बड़कागांव में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और NTPC (नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) बीच विवाद कोई नया नहीं है. जमीन अधिकग्रहण, उचित मुआवजा और कोयला खनन के मुद्दे पर रैयतों के समर्थन में योगेंद्र साव लगातार अपनी आवाज उठा रहे है. इस बीच उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है. जिसमें वे एनटीपीसी के कर्मियों का सेंदरा करने की बात कहते हुए नजर आ रहे है.
आपको बता दें, बीते 11 फरवरी 2026 को योगेंद्र साव, एनटीपीसी के केरेडारी थाना अंतर्गत कोल माइंस क्षेत्र में अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत मजदूरों के समर्थन में धरना स्थल पहुंचे थे. जहां काफी आक्रामक लहजे में योगेंद्र साव ने एनटीपीसी के कर्मियों को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अब सीधे तीर चलेगा. वो भी ऐसी जगह पर जो समझ से परे है. इससे पहले उन्होंने कहा कि रैयतों को फर्जी केस करके डराने का और थाना को लव लेटर भेजने का काम बंद करें. उन्होंने कहा कि प्रशासन से नहीं उलझेंगे, क्योंकि प्रशासन हमारा अंग ही है.
वहीं, वायरल वीडियो में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की धमकी भरे भाषण सुनने के बाद एनटीपीसी के कर्मचारी दहशत के माहौल में हैं. कंपनी के कर्मियों ने मीडिया को यह वीडियो शेयर किया और कहा कि उनके आक्रामक बयान के बाद से एनटीपीसी के कर्मी माइंस सहित अन्य जगहों पर ड्यूटी करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं.
क्या होता हैं 'सेंदरा'
आपको बता दें, सेंदरा का अर्थ 'शिकार' करना होता है. इसे एक प्रकार का युद्धाभ्यास का प्रतीक चिन्ह भी माना जाता है जिसमें समुदाय के लोग पारंपारिक हथियारों के साथ जंगलों में रहने वाले जानवरों का शिकार भी करते हैं. इसके अलावे गांव के नव युवकों को युद्ध के तरीके और पारंपरिक हथियारों सहित जंगलों में जानवरों के शिकार का प्रशिक्षण दिया जाता है. जिससे लोगों के मन से डर हटे और दुश्मनों से लड़ने का जज्बा कायम रहें. आपको बता दें, झारखंड के जनजाति समुदाय में कुल 3 तरह के सेंदरा (शिकार) होते हैं.









