वकीलों के सम्मान की लड़ाई से आम आदमी परेशान!, रांची सिविल कोर्ट में काम बंद, बिना सुनवाई लौटे लोग
रांची सिविल कोर्ट में वकीलों के कार्य बहिष्कार से न्यायिक कामकाज ठप रहा। एसडीओ कोर्ट के नोटिस के विरोध में वकीलों ने सुनवाई से दूरी बनाई, जिससे मुवक्किलों को परेशानी हुई।

Ranchi Civil Court: रांची के सिविल और एग्जीक्यूटिव कोर्ट में बुधवार को कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। सदर अनुमंडल दंडाधिकारी (SDO) कोर्ट की तरफ से करीब 15 वकीलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसी बात से नाराज होकर आज सभी वकीलों ने न्यायिक कामों से पूरी तरह दूरी बना ली। सुबह 10:30 बजे कई वकील नए बार भवन तो पहुंचे, लेकिन उन्होंने कोर्ट के किसी भी काम में हिस्सा नहीं लिया और विरोध जताते हुए सुनवाई से दूर रहे।
आम जनता को भुगतना पड़ा खामियाजा, खाली हाथ लौटे लोग
इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर उन बेचारे मुवक्किलों पर पड़ा, जो सुबह-सुबह अपना काम-धाम छोड़कर कोर्ट पहुंचे थे। रोज की तरह आज भी बेड़ो, नारकोपी, बीआईटी, ठाकुरगांव और खलारी जैसे ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग अपने मुकदमों की सुनवाई के लिए रांची सिविल कोर्ट आए थे। इनमें से कुछ लोग अपने वकीलों के पास बैठकर अपने केस पर चर्चा करते भी नजर आए।
लेकिन, जब उन्हें पता चला कि आज वकील किसी भी न्यायिक कार्य में हिस्सा नहीं ले रहे हैं, तो उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया। दूर-दराज के गांवों से अपना किराया और समय खर्च करके आए इन फरियादियों को बिना सुनवाई के ही मायूस होकर अपने घर वापस लौटना पड़ा।
वकीलों के मान-सम्मान की है लड़ाई
इस पूरे मामले पर बार एसोसिएशन की एडहॉक कमेटी के सदस्य संजय कुमार विद्रोही ने वकीलों का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि रांची जिला बार एसोसिएशन की आमसभा में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया था और शहर के सभी वकील इसका पूरा समर्थन कर रहे हैं।
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