ड्रग्स के खिलाफ केंद्र का बड़ा प्लान: अमित शाह ने जारी किया नया विजन डॉक्यूमेंट, सख्त कार्रवाई पर जोर
देश में नशे और अवैध ड्रग कारोबार को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने नई रणनीति तैयार की है। इसके तहत अगले तीन वर्षों के लिए रोडमैप पेश किया गया है।

नई दिल्ली: देश में नशे और अवैध ड्रग कारोबार के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने नई रणनीति पेश की है। शुक्रवार को आयोजित नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026–2029’ जारी किया।
सरकार के अनुसार यह दस्तावेज आने वाले तीन वर्षों के लिए ड्रग्स के खिलाफ राष्ट्रीय दिशा तय करेगा। इसका उद्देश्य केवल तस्करी रोकना नहीं बल्कि नशे की मांग कम करना, प्रभावित लोगों को सहायता देना और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना भी है। बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न जांच और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। चर्चा का मुख्य फोकस देशभर में चल रहे एंटी-ड्रग अभियानों की समीक्षा और उन्हें और प्रभावी बनाना रहा।
क्या बोले अमित शाह?
बैठक के दौरान गृह मंत्री ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ अभियान को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए सभी एजेंसियों को डेटा, रिपोर्ट और जमीनी स्तर की जानकारी पर काम करना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में हर स्तर पर बेहतर नतीजे दिखने चाहिए।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई केवल सामान्य कार्रवाई से नहीं बल्कि बेहतर सूचना तंत्र और पूरे नेटवर्क को निशाना बनाने वाली रणनीति से लड़ी जानी चाहिए।
नए विजन डॉक्यूमेंट में क्या होगा?
सरकार की नई योजना में तीन बड़े क्षेत्रों पर फोकस रखा गया है—
- नशे की मांग को कम करना
- तस्करी और सप्लाई नेटवर्क को कमजोर करना
- नशे से प्रभावित लोगों के इलाज और पुनर्वास को मजबूत बनाना
इसके अलावा सिंथेटिक ड्रग्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली तस्करी जैसी नई चुनौतियों को भी योजना में शामिल किया गया है। जागरूकता अभियान और उपचार सेवाओं को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
छह हजार करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ क्यों नष्ट किए गए?
बैठक के दौरान गृह मंत्री ने ऑनलाइन ड्रग डिस्पोजल फोर्टनाइट अभियान की शुरुआत भी की। इसके तहत देशभर में जब्त किए गए करीब 2.09 लाख किलोग्राम नशीले पदार्थों को कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया।
सरकारी अनुमान के मुताबिक इन पदार्थों की कुल कीमत करीब 6,000 करोड़ रुपये थी। सरकार का मानना है कि ऐसे कदम ड्रग नेटवर्क को कमजोर करने और अवैध कारोबार पर रोक लगाने में मदद करेंगे।
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