'पत्नी से था जीजा का नाजायज रिश्ता!', साजिश रचकर चाकू से गोदा था, हत्यारे पति-पत्नी को अदालत ने नहीं दी राहत
राजधानी रांची के बहुचर्चित संजय उरांव हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता साले विनोद उरांव और उसकी पत्नी राजमुनी देवी को अदालत से बड़ा झटका लगा है।

Ranchi: राजधानी रांची के बहुचर्चित संजय उरांव हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता साले विनोद उरांव और उसकी पत्नी राजमुनी देवी को अदालत से बड़ा झटका लगा है। रांची सिविल कोर्ट के अपर न्याययुक्त संजीव झा की अदालत ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी दंपति की जमानत याचिका सिरे से खारिज कर दी है। अदालत के इस फैसले के बाद दोनों आरोपियों को फिलहाल सलाखों के पीछे ही रहना होगा।
रेलवे लाइन के किनारे झाड़ियों से बरामद हुआ था शव
यह सनसनीखेज मामला फरवरी 2025 का है, जब अरगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत अशोक नगर गेट नंबर 1 के पीछे रेलवे लाइन के समीप झाड़ियों से पुलिस ने एक अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव बरामद किया था। बाद में शव की शिनाख्त गुमला निवासी संजय उरांव के रूप में की गई थी। अपराधियों ने साक्ष्य मिटाने और पुलिस को गुमराह करने की नीयत से चाकू से गोदकर हत्या करने के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया था। पुलिस ने लगातार अनुसंधान करते हुए करीब 11 महीने बाद न केवल इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाई, बल्कि मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचने में भी सफलता हासिल की थी।
अवैध संबंधों के विवाद में साले ने रची थी खूनी साजिश
पुलिस की विस्तृत तफ्तीश में जो खुलासा हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया था। जांच के अनुसार, मृतक संजय उरांव का अपने ही साले विनोद उरांव की पत्नी राजमुनी देवी के साथ अवैध संबंध था। इस बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से गंभीर विवाद और तनाव चल रहा था। इसी पारिवारिक कलह और रंजिश के चलते विनोद उरांव ने अपनी पत्नी राजमुनी देवी की पूरी सहमति और मिलीभगत से अपने जीजा को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान तैयार किया।
दो अन्य साथियों के साथ मिलकर की थी निर्मम हत्या
योजना के तहत पति-पत्नी ने अपने दो अन्य सहयोगियों अमरदीप खलखो और अनूप उरांव को साथ मिलाया। इसके बाद चारों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से संजय उरांव पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। घटना का खुलासा होने के बाद अरगोड़ा पुलिस ने मास्टरमाइंड विनोद उरांव, उसकी पत्नी राजमुनी देवी समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जो तब से लगातार न्यायिक हिरासत में बंद हैं। अदालत ने अपराध की जघन्यता को देखते हुए आरोपियों को किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया है।

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.






