Ranchi News: पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को कांग्रेस पार्टी से 3 सालों के लिए निष्कासित किए जाने का बाद राज्य की राजनीतिक गलियारों में सियासत तेज हो गई है. एक ओर जहां JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) ने कांग्रेस के इस फैसले का स्वागत किया है तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी की तरफ से इस फैसले का विरोध किया जा रहा है. बीजेपी ने राज्य की हेमंत सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि योगेंद्र साव को मुख्यमंत्री के खिलाफ आवाज उठाने की सजा दी गई है. बता दें, अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने पार्टी गाइडलाइन से हटकर बयान देने के आरोपों के बाद उनपर यह कार्रवाई की है.
अल्पसंख्यक नेता होते तो क्या उनपर इतनी जल्द कार्रवाई होती- भानू प्रताप
बीजेपी के पूर्व विधायक भानू प्रताप शाही ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने योगेंद्र साव के पार्टी से निष्कासन पर सवाल उठाए है उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर इतनी तेजी से कार्रवाई करके उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया. क्या अगर कोई अल्पसंख्यक नेता होते तो उनपर इतनी जल्द कार्रवाई होती? साव परिवार ने लंबे समय से कांग्रेस पार्टी में अपना योगदायन दिया है. भानू प्रताप शाही ने कहा कि आखिर योगेंद्र साव का दोष क्या था ? यही कि उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ अपनी आवाज उठाई ?
भानू प्रताप ने कहा कि योगेंद्र प्रसाद एक समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता है जिसका पूरा परिवार कांग्रेस पार्टी से जुड़ा है. वे पार्टी की टिकट पर विधायक और मंत्री बने. इतना ही नहीं उनकी पत्नी और बेटी भी पार्टी की टिकट से क्षेत्र से विधायक बनी. क्षेत्र में उनका पूरा परिवार लगातार जनता से जुड़ा हुआ है ऐसे में कांग्रेस ने आखिर किस दबाव में आकर कठपुतली की तरह योगेंद्र साव को 3 वर्षों के लिए निष्कासन करने की स्थिति आ गई. कांग्रेस की इस कार्रवाई का पार्टी की एक महिला विधायक ने आपत्ति जताई है.
JMM-Cong के बीच में कंपटीशन है कौन कितना मलाई खाएगा- BJP
वहीं, बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने भी हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है. अजय साह ने हेमंत सोरेन पर राम विरोधी औऱ विकास विरोधी होने का आरोप लगाया. उन्होंने हेमंत सोरेन को VB-GRAM-G प्रस्ताव को जनविरोधी और विकास रोकने वाला बताया. और मनरेगा (MGNREGA) पर राजनीति करने का आरोप लगाया है. वहीं कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए अजय साह ने कहा- कांग्रेस लीडरशिप क्राइसिस से गुजर रही है अपने किसी नेता, कार्यकर्ता पर इनका कोई अंकुश नहीं है. सरकार को योगेंद्र साव के आरोपों की जांच करनी चाहिए. योगेंद्र साव के निष्कासन के पीछे की कहानी, करप्शन और मलाई खाने को लेकर है. झामुमो और कांग्रेस के बीच में कंपटीशन है कि कौन कितना मलाई खा सकता है.
JMM ने कांग्रेस के फैसला का किया स्वागत
योगेंद्र साव के निष्कासन के फैसले पर JMM ने अपनी प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए कांगेस के फैसले का स्वागत किया. JMM के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने लोकप्रिय मुख्यमंत्री के ऊपर अनुचित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं होगी. राजनीतिक पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के लिए यह फैसला लेना जरूरी है. योगेंद्र साव लगातार महागठबंधन सरकार और मुख्यमंत्री पर टिप्पणी कर रहे थे. अगर उन्हें कोई समस्या थी तो मिलकर बात करनी चाहिए थी. राज्य में महागठबंधन की सरकार है और कांग्रेस का कोई वरिष्ठ नेता का अनुचित टिप्पणी ठीक नही लगती.
कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने दी थी निष्कासन की जानकारी
आपको बता दें, 20 मार्च को प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को 3 वर्षों के लिए निष्कासित किया गया है. यह फैसला अनुशासन समिति की तरफ से लिया गया. बता दें, बीते 19 मार्च 2026 को योगेंद्र साव द्वारा बड़कागांव में अवैध तरीके से बनाए गए घर को NTPC की ओर से कार्रवाई करते हुए ध्वस्त कर दिया गया था जिसके बाद इस कार्रवाई पर उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ टिप्पणी की थी. उनके पार्टी से निष्कासन की वजह सीएम पर टिप्पणी करना ही माना जा रहा है.
रिपोर्ट- नवीन शर्मा / सत्यव्रत किरण









