राखी बांधकर भरत की बहन ने मनोज तिवारी से मांगा इंसाफ,
भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान मारे गए भरत तिवारी के परिवार से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने मुलाकात की। भरत की बहन रूबी देवी ने सांसद को राखी बांधकर न्याय की मांग की। मनोज तिवारी ने परिवार की मांगों को सरकार के सामने रखने और न्याय का भरोसा दिया।


भोजपुर: बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान मारे गए भरत तिवारी के परिवार से मिलने सोमवार को भाजपा सांसद मनोज तिवारी पहुंचे। घटना के दो महीने पूरे होने पर उन्होंने भरत तिवारी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान भरत तिवारी की बहन रूबी देवी ने मनोज तिवारी को राखी बांधी और अपने भाई के लिए न्याय की मांग की। भावुक माहौल में मनोज तिवारी ने परिवार को भरोसा दिलाया कि वह उनके साथ खड़े हैं और मामले में न्याय की लड़ाई में हरसंभव मदद करेंगे।
राखी बांधकर बहन ने मांगा न्याय
रूबी देवी ने मनोज तिवारी को राखी बांधते हुए अपने भाई की मौत के मामले में न्याय दिलाने की अपील की। मनोज तिवारी ने कहा कि परिवार जिस दर्द से गुजर रहा है, उसकी भरपाई संभव नहीं है, लेकिन वह परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मनोज तिवारी ने यह भी दावा किया कि घटना के बाद कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR, निलंबन और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई हुई है।
परिवार की ओर से गांव के लोगों पर दर्ज मामलों का मुद्दा भी मनोज तिवारी के सामने रखा गया। सांसद ने बताया कि करीब 14 लोगों और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर भी परिवार ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद भावनाओं में आकर विरोध करने या अपनी बात रखने वाले लोगों के मामलों में राहत दिलाने का मुद्दा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने रखा जाएगा।
‘निर्दोष को मारना अन्याय है’
जब मनोज तिवारी से भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के पास हथियार नहीं था और उसे हथियार रखकर मार दिया गया, तो यह अन्याय है। उन्होंने कहा कि मामले की कानूनी प्रक्रिया चल रही है और वह इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि, परिवार को न्याय मिलने का भरोसा उन्होंने जरूर दिलाया।
मनोज तिवारी ने कहा कि भरत तिवारी के परिवार की ओर से सरकारी नौकरी, आर्थिक सहायता और स्मारक बनाने जैसी मांगें भी सरकार के सामने रखी गई हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई है। आर्थिक सहायता को लेकर भी सरकार की ओर से बात हुई है और आगे इसकी विस्तृत प्रक्रिया सामने आएगी। सांसद ने कहा कि भरत तिवारी की स्मृति में स्मारक बनाने की मांग पर भी सरकार से बातचीत की जाएगी, लेकिन फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता परिवार को न्याय दिलाना है।
‘परिवार के बारे में ऐसी बातें कहना ठीक नहीं’
प्रशांत किशोर की ओर से भरत तिवारी के परिवार को लेकर दिए गए कथित बयान पर भी मनोज तिवारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि परिवार पहले ही अपने सदस्य को खोने के दर्द से गुजर रहा है। ऐसे में परिवार पर किसी तरह का आरोप या टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अब खुद को भरत तिवारी के परिवार और बेलौटी गांव का हिस्सा मानते हैं। साथ ही गांव के लोगों से आपसी विवाद और गुटबाजी खत्म कर शांति और भाईचारे के साथ रहने की अपील की। घटना के दो महीने पूरे होने पर परिवार की ओर से गरीबों के लिए भोजन का भी आयोजन किया गया था। इसी दौरान मनोज तिवारी परिजनों से मिलने पहुंचे। उनके साथ स्थानीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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