डांट से नाराज होकर घर से निकलीं दो बहनें, 6 दिन बाद मिलीं तो बताई चौंकाने वाली वजह
सहरसा से लापता हुईं दो बहनें छह दिन बाद आलमनगर से सकुशल बरामद हुईं। पुलिस पूछताछ में बच्चियों ने बताया कि वे पढ़ाई करना चाहती थीं और इसी वजह से नाराज होकर घर छोड़ दिया था।


सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर से लापता हुईं दो बहनों का छह दिन बाद सुरक्षित मिलना परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। 14 वर्षीय चांदनी कुमारी और 7 वर्षीय राधिका कुमारी को पुलिस ने आलमनगर थाना क्षेत्र के बहुरवा टोला, भागीपुर वार्ड संख्या-1 से खोज निकाला। बच्चियों के सुरक्षित लौटने की खबर सुनते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। दोनों बच्चियां सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद के रानीबाग चौधरी टोला में रहने वाले सुरेश चौधरी की बेटियां हैं। उनके लापता होने के बाद से परिवार पिछले छह दिनों से बेहद परेशान था और लगातार उनकी खोज में जुटा था।
सोशल मीडिया की तस्वीर बनी सुराग
जानकारी के मुताबिक, आलमनगर थाना क्षेत्र के बहुरवा टोला के निवासी गोकुल ऋषिदेव मजदूरी के काम से सुपौल गए थे। वहीं, उन्हें दोनों बच्चियां अकेली और लावारिस सी हालत में मिलीं। शुरुआत में बच्चियों ने न तो अपने माता-पिता का नाम बताया और न ही अपना पता। उन्होंने खुद को लावारिस बताया। गोकुल ऋषिदेव ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए दोनों बच्चियों को अपने घर ले जाने का फैसला किया और लगभग छह दिनों तक उनकी देखभाल की। इस दौरान, उन्होंने सोशल मीडिया और मोबाइल पर सिमरी बख्तियारपुर थाना पुलिस द्वारा जारी की गई बच्चियों की तस्वीरें और जानकारी देखी। तस्वीरों से पहचान होने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस को सूचना मिलते ही बहुरवा टोला पहुंची और दोनों बच्चियों को सुरक्षित बरामद कर थाने ले आई।
पढ़ाई करना चाहती थीं, इसलिए छोड़ दिया था घर
पुलिस की पूछताछ में बच्चियों ने बताया कि वे पढ़ाई जारी रखना चाहती थीं, लेकिन उन्हें ऐसा लगता था कि परिवार उनकी पढ़ाई में पूरी तरह से सहयोग नहीं कर रहा है और अक्सर डांट-फटकार सुनने को मिलती थी। इसी नाराजगी के चलते दोनों बहनों ने घर छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि घरेलू सामान खरीदने का बहाना बनाकर घर से निकलीं और स्टेशन पहुंचकर राजरानी एक्सप्रेस में सवार होकर सुपौल चली गईं। वहां कुछ मजदूरों से मिलने के बाद वे आलमनगर पहुंच गईं। गुस्से में होने के कारण उन्होंने किसी को भी अपना परिचय या घर का पता नहीं बताया।
बेटियों के सकुशल लौटने के बाद पिता सुरेश चौधरी और उनके पूरे परिवार ने राहत की एक गहरी सांस ली। छह दिनों से बेटियों की चिंता में परेशान मां की आंखों में अब खुशी के आंसू हैं। हाल ही में बच्चियों की बरामदगी के लिए परिवार ने धरना भी दिया था। परिजनों ने दोनों बच्चियों को सुरक्षित खोज निकालने के लिए सिमरी बख्तियारपुर पुलिस और सूचना देने वाले गोकुल ऋषिदेव का दिल से आभार व्यक्त किया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सोशल मीडिया पर समय पर साझा की गई जानकारी कई बार लापता लोगों को खोजने में बेहद मददगार साबित हो सकती है।
(सहरसा से इंद्रदेव की रिपोर्ट)

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