₹20 हजार घूस लेते रंगे हाथ धराया लेखपाल नहीं आएगा बाहर, ACB की विशेष अदालत ने खारिज की जमानत याचिका
गुमला में ठेकेदार से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार तत्कालीन लेखपाल राहुल प्रताप की जमानत याचिका ACB की विशेष अदालत ने खारिज कर दी। आरोपी ने भुगतान की फाइल आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत मांगी थी।

Ranchi ACB Court News: गुमला लघु सिंचाई प्रमंडल में ठेकेदार से रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार तत्कालीन लेखपाल राहुल प्रताप को अदालत से बड़ा झटका लगा है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की विशेष अदालत ने आरोपी लेखपाल की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद आरोपी का फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे ही रहना तय हो गया है।
25 लाख की रंग-पुताई योजना के भुगतान पर मांगी थी घूस
यह पूरा मामला गुमला शहर स्थित कृष्णा छात्रावास में कराए गए रंग-पुताई और मरम्मत कार्य से जुड़ा है, जिसकी कुल लागत करीब 25 लाख रुपये थी। इस योजना का काम एक संवेदक (ठेकेदार) द्वारा 34 प्रतिशत लीज पर पूरा किया गया था। निर्माण कार्य संपन्न होने के बाद जब संवेदक ने बकाया भुगतान का चेक जारी करने का अनुरोध किया, तो कार्यालय में पदस्थापित लेखपाल राहुल प्रताप ने भुगतान अटका दिया और फाइल आगे बढ़ाने के एवज में अवैध रूप से घूस की मांग शुरू कर दी।
ACB के जाल में फंसा था लेखपाल, आवास से हुआ था गिरफ्तार
लगातार हो रही देरी और अवैध वसूली की मांग से परेशान होकर ठेकेदार ने हिम्मत दिखाई और पूरे मामले की लिखित शिकायत रांची ACB कार्यालय में दर्ज कराई। एसीबी की टीम ने शिकायत का प्रारंभिक सत्यापन करने के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए पुख्ता जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार, जैसे ही लेखपाल ने कार्यालय परिसर स्थित अपने सरकारी आवास पर ठेकेदार से रिश्वत की रकम के रूप में 20 हजार रुपये लिए, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। विशेष अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने से भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश गया है।
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