Anant Singh Oath: बिहार के मोकामा से लंबे समय से विधायक रहे अनंत सिंह का विधानसभा में शपथ लेना जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. अपने दबंग अंदाज के लिए चर्चित अनंत सिंह पिछले वर्ष 2 नवंबर से पटना की बेऊर जेल में बंद हैं. उनपर आरोप है जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पियूष प्रियदर्शी को समर्थन दे रहे दुलारचंद यादव की कथित हत्या का. अनंत सिंह को विधानसभा में शपथ कार्यक्रम को लेकर इसमें शामिल होने की अनुमति मिली थी.
शपथ लेते अनंत सिंह को वीडियो में कोट-पैंट में, सोने की चेन पहने और माथे पर लंबे तिलक के साथ देखा जा सकता है. इस दौरान शपथ के बाद वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विधानसभा में पैर छूते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो में नीतीश कुमार उन्हें आशीर्वाद भी देते देखे जा सकते हैं. इस वक्त उनके बगल में सम्राट चौधरी भी मौजूद थे.
दरअसल, मंगलवार को अनंत सिंह विधानसभा की सदस्यता की शपथ लेने जेल से सीधे विधानसभा भवन गए थे. इस दौरान उन्होंने विधायक पद की शपथ ली और फिर तुरंत जेल के लिए रवाना हो गए. इस दौरान कई पुलिसकर्मी भी उनके साथ मौजूद थे. जिस दौरान अनंत सिंह विधानसभा में पहुंचे थे, उस वक्त मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य बड़े नेता भी मौजूद थे.
जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल अक्टूबर 2025 में मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी और अनंत सिंह सहित कुछ अन्य पर हत्या की साज़िश का आरोप लगा था. इस मामले के चलते वे चुनाव से पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में रह रहे हैं. यह मामला बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान का है. 29-30 अक्टूबर को मोकामा में चुनाव प्रचार चल रहा था. जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में 75 साल के दुलारचंद यादव प्रचार कर रहे थे. दुलारचंद खुद मोकामा क्षेत्र के पुराने दबंग नेता थे जो कभी लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार जैसे बड़े नेताओं से जुड़े रहे. बताया जाता है कि इसी दौरान अनंत सिंह के काफिले और विरोधी पक्ष के समर्थकों के बीच टकराव हो गया. गाली-गलौज से शुरू हुई बात मारपीट और फायरिंग तक पहुंच गई. कथित तौर पर दुलारचंद यादव को पैर में गोली लगी.
अनंत सिंह ने जेल से लड़ा विधानसभा चुनाव
परिजनों का आरोप है कि गोली मारने के बाद अनंत सिंह के समर्थकों ने गाड़ी चढ़ाकर उनकी हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक, मौत भारी चीज के गुजरने से हुई, लेकिन गोली का भी जिक्र है. इस घटना में अनंत सिंह पर मुख्य आरोप लगा. घटना के कुछ दिन बाद 2 नवंबर को पटना पुलिस ने अनंत सिंह को उनके दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया. तब से वह पटना की बेऊर जेल में बंद हैं. इस मामले में 80 से ज्यादा लोगों को पकड़ा गया है. जांच पटना पुलिस और सीआईडी कर रही है. दिलचस्प बात यह है कि जेल में बंद रहते हुए ही अनंत सिंह ने मोकामा सीट से चुनाव लड़ा और जीत प्राप्त की.









