रांची के कांके में 14 साल की बच्ची की बेरहमी से हत्या, इंसाफ के लिए चीखता परिवार
शनिवार की शाम राजधानी के कांके क्षेत्र से 14 साल की नाबानिग बच्ची की निर्मम हत्या की खबर ने दिल दहला दिया है. वहीं हत्या का आरोप बच्ची को पनाह देने वाली महिला अफसर पर लगाया जा रहा है. बच्ची के पूरे शरीर पर गंभीर मारपीट व जख्मों के निशान पाए गए हैं.

Jharkhand (Ranchi): राजधानी रांची के कांके क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां एक 14 वर्ष की नाबालिग बच्ची की इतनी क्रूरता से हत्या कर दी गई कि रूह कांप जाए. घटना कांकेथाना क्षेत्र के मनातू इलाके की है. घरेलू काम कराने को लेकर बच्ची को एक सरकारी अफसर महिला द्वारा अपने आवास लाया जाता है. चार साल तक क्रूरता बरतने के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी जाती है.
बच्ची पर प्रताड़ना और मारपीट का आरोप
बच्ची के पूरे बदन पर ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां चोट के निशान न हों. उसके घर वालों का आरोप है कि सुष्मा देवी नामक महिला, जिसने बच्ची को अपने घर पर रखा था, वह उसे अपने माता-पिता और भाई-बहनों से बात तक नहीं करने देती थी. साथ ही उसके साथ मारपीट भी की जाती थी. महिला पेशे से बाल विकास परियोजना अधिकारी (Child Development Project Officer) बताई जा रही है.
चार साल पूर्व आरोपी के घर लाई गई थी बच्ची
परिजनों ने बताया कि बच्ची को महिला अधिकारी चार साल पहले अपने घर लेकर आई थी. यह कहकर कि घर के काम करेगी और बदले में उसके पढ़ाई का सारा जिम्मा सुष्मा देवी द्वारा वहन किया जाएगा और बाद में उसकी शादी भी करा दी जाएगी. किसी भी चीज के लिए घरवालों को चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.
खुद लाश लेकर पहुंचा दिया उसके घर
परिजन और गांव वालों ने बताया कि बच्ची की लाश लेकर आरोपी खुद उसके घर जाती है. अपनी मासूम बच्ची के मृत शरीर को देखकर उसके घरवालों का सीना फट सा जाता है. हाथ-पैर में रस्सी से बांधे जाने के दाग, कान से निकलकर सूख चुका खून, फटा हुआ जबड़ा और योनि पर भी खून के दाग व जख्म. यह दृश्य देख माता-पिता और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो जाता है. वह इसकी शिकायत करने पुलिस थाने जाते हैं, तो उन्हें क्षेत्र आदि का पाठ पढ़ाया जाता है, यह कहकर कि आपका इलाका कांके थाना में आता है इसलिए मामला बुढ़मू थाना में दर्ज नहीं किया जा सकता.
स्थानीय नेता संदीप टाइगर नायक का कहना है कि एक तरफ पुलिस आरोपी को इज्जत बख्शती है, उसे बैठाकर चाय-नाश्ता पूछा जाता है, वहीं बच्ची के परिजन व गांव वालों से बात तक नहीं किया जाता. परिजनों और पूरे उमेडंडा गांव में आक्रोश का माहौल है, इंसाफ और दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की जा रही है. अब देखना होगा कि कार्रवाई किस करवट बैठती है.
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.









