शेखपुरा का 10 गांव 'मॉडल सोलर विलेज' के रूप में होगा विकसित, जिला प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
आत्मनिर्भर की दिशा में लोगों को किस प्रकार से सरकारी योजनाएं देकर उन्हें सम्मान जनक जीवन मिलें, इसे लेकर भी सरकार की तरफ से कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही है.

Sheikhpura / Bihar (रिपोर्ट- रंजन कुमार): देश का प्रत्येक नागरिक आत्मनिर्भर हो इसे लेकर पीएम नरेंद्र मोदी अक्सर खुले मंच से लोगों को आगाह करते हुए नजर आते है. जबकि आत्मनिर्भर की दिशा में लोगों को किस प्रकार से सरकारी योजनाएं देकर उन्हें सम्मान जनक जीवन मिलें, इसे लेकर भी सरकार की तरफ से कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही है. इसी कड़ी बिहार के शेखपुरा जिले में PM सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एक वरदान के रुप में उभरकर सामने आया है. इस योजना के तहत बिजली निर्भरता को छोड़ उपभोक्ता अपने घरों में सोलर संयंत्र स्थापित कर खुद बिज्ली का इस्तेमाल कर सकते हैं.
इधर, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की सफलता को लेकर शेखपुरा जिला प्रशासन और विद्युत विभाग ने संयुक्त प्रयास कर मॉडल सोलर विलेज पर काम शुरू किया है. इस योजना के अंतर्गत बीते बुधवार (15 अप्रैल 2026) को बैठक आयोजित कर शेखपुरा डीएम शेखर आनंद ने बताया कि जिले के 6 प्रखंडों के अंतर्गत 10 गांवों को पहले चरण में विकसित किया जाना है. इस दिशा में विद्युत विभाग को दिशा -निर्देश दिया है.
जिलाधिकारी शेखर आनंद ने बताया कि मॉडल सोलर विलेज की दिशा में जिला को 10 गांव बनाना है जिसको लेकर गांव का चयन कर करवाई शुरू किया गया है. उन्होंने कहा कि यह सरकार की बेहतर योजना है जिससे मामूली खर्च पर परिवार निर्बाध बिजली आपूर्ति ले सकता है. डीएम ने कहा कि सोलर विलेज लगाने से उपभोक्ता को बिजली बिल से छुटकारा मिलेगी. साथ ही मुफ्त सोलर लाइट से लागत भी मुक्त होगी. उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा जिले के 10 गांव को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया. और कहा कि मॉडल सोलर विलेज से पूरा गांव में विद्युत बिल से छुटकारा मिलेगी साथ ही आत्मनिर्भर गांव बन सकेगा.
बता दें, गव्य, मेहूस, गगौर, डीह कुसुंभा, लोहान, तेउस, पांची, अंबारी हुसैनाबाद और घुसकुरी गांव के 12634 कुटीर ज्योति योजना के उपभोक्ता के घरों पर मुफ्त सोलर पैनल लगाया जाएगा. जबकि अन्य उपभोक्ता को मामूली खर्च करनी होगी. घरों पर सोलर पैनल लगाए जाने को लेकर सहमति ली जा रही है. जिसके बाद घरों में सोलर पैनल लगाए जाने की दिशा में कार्य तेजी से किया जा रहा है. इसमें एक किलोवाट में 30 हजार, दो किलोवाट में 60 हजार और तीन किलोवाट 76 हजार रुपया बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. जिससे गांव सोलर विलेज बन सके. और गांव बिजली की निर्भरता से मुक्त हो सकें.
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