बिहार कैबिनेट में 10 फैसलों पर लगी मुहर, B.Ed. कॉलेज और जमीन को लेकर बड़ा बदलाव
बिहार कैबिनेट की बैठक में 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। B.Ed. संस्थानों को बहुविषयक कॉलेज बनाने, कुशल युवा कार्यक्रम को 2030-31 तक बढ़ाने और ग्रीनफील्ड टाउनशिप में भूमि हस्तांतरण से जुड़ी रोक हटाने जैसे फैसले लिए गए।


बिहार कैबिनेट की बैठक बुधवार को मुख्य सचिवालय के मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित की गई। इस बैठक में कुल 10 प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। शिक्षा, युवाओं के कौशल विकास और शहरी विकास से जुड़े इन फैसलों में B.Ed. संस्थानों को बहुविषयक डिग्री कॉलेज के रूप में विकसित करने और कुशल युवा कार्यक्रम को आगे बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
B.Ed. कॉलेजों में अब दूसरे विषयों की पढ़ाई का रास्ता साफ
कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और NCTE के दिशा-निर्देशों के तहत राज्य में चल रहे एकल निजी शिक्षक शिक्षा संस्थानों, यानी B.Ed. कॉलेजों को बहुविषयक डिग्री कॉलेज में बदलने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसके बाद, NCTE से मान्यता प्राप्त संस्थानों में B.Ed. के साथ-साथ कला, विज्ञान, वाणिज्य और अन्य विषयों के स्नातक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ कौशल आधारित कोर्स भी शुरू किए जा सकेंगे। हालांकि, इन पाठ्यक्रमों को चलाने के लिए संबंधित विश्वविद्यालय, UGC, NCTE और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और आवश्यक मंजूरियों का पालन करना जरूरी होगा। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों को अपने जिले या आस-पास के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अधिक विकल्प मिलेंगे। इससे उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और राज्य के सकल नामांकन अनुपात (GER) में सुधार की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
कुशल युवा कार्यक्रम 2030-31 तक जारी रहेगा
युवाओं से जुड़ा एक और बड़ा फैसला कुशल युवा कार्यक्रम को लेकर लिया गया है। ‘सात निश्चय-3’ के तहत इस योजना को अब 2026-27 से 2030-31 तक चलाया जाएगा। इसके लिए 430.08 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस योजना में युवाओं को AI, ड्रोन, सोलर टेक्नोलॉजी, नेटवर्किंग, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, टेली, विदेशी भाषा और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार के मुताबिक, हर साल 2.57 लाख से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। वहीं, इस योजना से करीब 6,436 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।
ग्रीनफील्ड टाउनशिप में जमीन को लेकर भी बदलाव
कैबिनेट ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण को लेकर भी फैसला लिया है। विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के बाद अधिसूचित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट शहरों में जमीन के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर लगी रोक हटा दी गई है।
वहीं, विकास योजना के प्रारूप प्रकाशन के बाद रोक हटाने का अधिकार बिहार नगर विकास प्राधिकरण को दिया गया है। हालांकि, जमीन का विकास और भवन निर्माण संबंधित विकास योजना और DCR के नियमों के मुताबिक ही करना होगा। कैबिनेट के फैसलों से साफ है कि सरकार का जोर इस बार उच्च शिक्षा के विस्तार, युवाओं को नए कौशल से जोड़ने और शहरी विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर रहा।

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