‘पति को रूसी सेना में भेज देंगे!’ मॉस्को में गिरफ्तारी के बाद भारतीय महिला ने PM मोदी-योगी से मांगी मदद
मॉस्को में भारतीय इंजीनियर चंदन गुप्ता की कथित गिरफ्तारी के बाद उनकी पत्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है।


नई दिल्ली: रूस की राजधानी मॉस्को में रहने वाली एक भारतीय महिला ने अपने पति की गिरफ्तारी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि मॉस्को की स्थानीय पुलिस उनके पति चंदन गुप्ता को देर रात घर से पकड़कर अपने साथ ले गई और बाद में उन्हें जेल भेज दिया गया। महिला को आशंका है कि उनके पति को जबरन रूसी सेना में भर्ती किया जा सकता है।
महिला ने वीडियो जारी कर अपनी परेशानी बताई और सरकार से पति की सुरक्षा तथा रिहाई के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की है।
नोएडा की कंपनी से जुड़े हैं चंदन गुप्ता
महिला के मुताबिक, उनके पति चंदन गुप्ता मूल रूप से कानपुर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। वह नोएडा सेक्टर-62 स्थित यूफ्लेक्स से जुड़ी एएच पॉलीफिल्म्स कंपनी में इंजीनियर के तौर पर काम करते हैं। महिला का कहना है कि कंपनी के जरिए चंदन वर्क वीजा पर मॉस्को में तैनात थे।
चंदन अपनी पत्नी और 10 साल के बेटे के साथ रूस में रह रहे थे। महिला के अनुसार, रात करीब साढ़े 12 बजे स्थानीय पुलिस उनके पति को पकड़कर ले गई। इसके बाद से वह उनकी रिहाई के लिए प्रयास कर रही हैं।
महिला का आरोप है कि उनके पति ने कोई गलती नहीं की है, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। हालांकि, गिरफ्तारी की वजह और रूसी अधिकारियों की ओर से इस मामले में आधिकारिक तौर पर क्या कहा गया है, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
रूसी भाषा नहीं आने से परिवार की मुश्किल बढ़ी
महिला ने वीडियो में बताया कि उन्हें रूसी भाषा नहीं आती। ऐसे में स्थानीय पुलिस और अधिकारियों से बातचीत करने में उन्हें काफी परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि वह यह भी ठीक से पता नहीं कर पा रही हैं कि उनके पति को किस मामले में हिरासत में लिया गया है और आगे की प्रक्रिया क्या है।
महिला को आशंका है कि अगर उनके पति को जेल से निकाला गया तो उन्हें जबरन रूसी सेना में भेजा जा सकता है। इसी डर के चलते उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जल्द हस्तक्षेप करने की अपील की है।
रूस में भारतीयों को सेना में भेजे जाने का किया दावा
महिला ने रूस में काम करने के लिए गए भारतीय नागरिकों को लेकर भी गंभीर दावा किया है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश से 14 लोगों को मजदूरी के लिए रूस बुलाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें सेना में भेज दिया गया। महिला का दावा है कि इनमें से 10 लोगों की मौत हो चुकी है।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। इसी तरह चंदन गुप्ता को रूसी सेना में भेजे जाने की आशंका भी फिलहाल महिला के बयान पर आधारित है।
अब परिवार की कोशिश है कि भारतीय अधिकारियों के हस्तक्षेप से चंदन की स्थिति स्पष्ट हो और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मामले में रूसी प्रशासन और भारतीय दूतावास की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।

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