West Bengal OBC Reservation: बंगाल विधानसभा ने पास किए दो बड़े संशोधन बिल, OBC आरक्षण ढांचे में बदलाव
पश्चिम बंगाल विधानसभा ने OBC आरक्षण व्यवस्था से जुड़े दो संशोधन बिल पास किए। जानिए क्या बदला और इसका क्या असर होगा।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा ने सोमवार को OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण व्यवस्था से जुड़े दो अहम संशोधन विधेयकों को मंजूरी दे दी। इन बदलावों के बाद राज्य में OBC श्रेणी के तहत पात्र समुदायों की सूची और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव लागू किए जाएंगे।
नई व्यवस्था के तहत अब कुल 66 समुदायों को OBC लाभ के लिए शामिल किया गया है। इनमें ऐसे समुदाय शामिल हैं जो पहले से अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) श्रेणी में नहीं आते।
क्या बदला नई व्यवस्था में?
राज्य सरकार के अनुसार, यह बदलाव OBC वर्गीकरण को नए कानूनी ढांचे के अनुरूप लाने के लिए किए गए हैं। पहले की सूची में समय-समय पर कई नए उप-समूह जोड़े गए थे, लेकिन अदालत में इस पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने संशोधन प्रक्रिया शुरू की।
नई व्यवस्था के तहत पहले के विस्तारित ढांचे की तुलना में पात्र समुदायों की संख्या कम की गई है और OBC वर्गीकरण को फिर से व्यवस्थित किया गया है।
बैकवर्ड क्लास कमीशन को फिर मिले ज्यादा अधिकार
विधानसभा से पारित दूसरे संशोधन विधेयक के जरिए पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग की भूमिका और अधिकारों को भी मजबूत करने का फैसला लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे भविष्य में समुदायों के मूल्यांकन और वर्गीकरण की प्रक्रिया अधिक संस्थागत तरीके से की जा सकेगी।
विधानसभा में कैसे पास हुए बिल?
दोनों विधेयकों को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से विधानसभा में पेश किया गया और चर्चा के बाद पारित किया गया। मतदान के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर अलग-अलग राय देखने को मिली।
आगे क्या होगा?
अब इन बदलावों के लागू होने के बाद राज्य में OBC आरक्षण और उससे जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया नए नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी। आने वाले समय में इसका असर सरकारी सेवाओं और आरक्षण व्यवस्था पर देखने को मिल सकता है।
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