गोड्डा में ग्रामीणों ने पकड़ी शराब की खेप, सूचना के बावजूद घंटों तक पुलिस रही नदारद
शराब की कालाबाजारी रोकने का जिम्मा पुलिस का है, जिस काम को गोड्डा के ग्रामीणों को करना पड़ रहा है. गांव वालों ने शराब माफिया को पकड़ा साथ ही शराब की खेप भी जब्त कर पुलिस को सूचित किया. लेकिन दस घंटों तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंच सकी.

Godda, Jharkhand: गोड्डा के बसंतराय थाना क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पुलिस की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. दावा है कि झारखंड से बिहार ले जाई जा रही विदेशी शराब की खेप को ग्रामीणों ने पकड़ लिया, लेकिन सूचना देने के बावजूद पुलिस घंटों तक मौके पर नहीं पहुंची. आखिर शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने में इतनी देरी क्यों हुई? क्या अवैध कारोबारियों को किसी का संरक्षण प्राप्त है? ऐसे कई सवाल प्रशासन पर उठते नजर आ रहे हैं.
मामला गोड्डा जिले के बसंतराय थाना क्षेत्र के कोरयाना गांव का है. जहां ग्रामीणों ने शराब माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि झारखंड से बिहार ले जाई जा रही विदेशी अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप को उन्होंने पकड़ लिया. इसके बाद गांव में भारी हंगामा शुरू हो गया.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर ग्रामीण कार्रवाई न करते तो क्या शराब की यह खेप आसानी से बिहार पहुंच जाती? सूचना मिलने के बावजूद पुलिस की देरी क्या सिर्फ लापरवाही है या फिर इसके पीछे कोई और कहानी छिपी हुई है?
यह वही इलाका है जहां बिहार की सीमा नजदीक होने के कारण शराब तस्करी की आशंका लगातार बनी रहती है. अब सवाल सिर्फ शराब की खेप का नहीं है... सवाल उस व्यवस्था का है जिस पर अवैध कारोबार रोकने की जिम्मेदारी है.
हालांकि पुलिस इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है. बसंतराय थाना प्रभारी रामदेव राज वर्मा का कहना है कि सूचना मिलने के करीब आधे घंटे के भीतर पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई थी और कार्रवाई करते हुए एक शराब तस्कर को गिरफ्तार भी कर लिया गया है.
(गोड्डा से प्रिंस यादव की रिपोर्ट)
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