Giridih News: गिरिडीह जिले के मधुबन स्थित पारसनाथ पहाड़ में शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को प्रकृति और आदिवासी अस्मिता से जुड़ा बाहा पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया. इस दौरान मरांग बुरू पूजन समिति की तरफ से पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए. बता दें, बाहा पर्व संताल आदिवासी संस्कृति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण त्यौहार है.
वहीं, इस पूजन समारोह में झारखंड सरकार में संस्कृति, कला एवं पर्यटन विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, BJP नेता सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल सोरेन, राज्य में मंत्री का दर्जा प्राप्त फागू बेसरा, घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन मुख्य रुप से उपस्थित रहें. समारोह में सभी अतिथियों का आदिवासी रीतियों और परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया. जिसके बाद सभी ने मरांग बुरू में पूजा-अर्चना की और राज्य के कल्याण के लिए कामनाएं की. इस बीच समिति की ओर से सभी अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर भेंट किया गया. 
पूजा के बाद समारोह में संबोधन करते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि उनकी इस स्थल में काफी आस्था है. विधायक से मंत्री बनने तक के सफ़र में यहां से उन्हें आशीर्वाद प्राप्त हुआ है. वह पर्यटन मंत्री होने के नाते इस स्थल का और भी विकास करेंगे.
वहीं, मंत्री फागू बेसरा ने कहा कि बाहा पर्व को हेमंत सोरेन की सरकार ने दो वर्षों से राजकीय उत्सव के रूप में लिया है, जिसके कारण हम इसे सरकार की तरफ से सरकारी कार्यक्रम की तरह मना रहे है. उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार आदिवासी संथाल समाज के धार्मिक स्थल और उनके रूढ़िवादी व्यवस्था को अक्षुण्ण बनाने के लिए संकल्पित है.
बाहा बोंगा समिति के सदस्य सिकंदर हेंब्रम ने कहा कि पारसनाथ स्थित मरांग बुरु आदिवासी समाज के लोगों का सर्वोच्च धार्मिक स्थल है और पूरे विश्व में सबसे पहले बाहा बोंगा की पूजा यही होती है. उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रकृति पूजा का पर्व है और समाज के लोग इसे धूम धाम के साथ मना रहे हैं.
रिपोर्ट- मनोज कुमार पिंटू








