हजारीबाग में वेंटिलेटर पर पहुंची ट्रैफिक व्यवस्था!, घंटों भीषण जाम में फंसे रहे मरीज और स्कूली बच्चे
झारखंड के हजारीबाग जिला मुख्यालय सहित पूरे शहरी क्षेत्र की यातायात व्यवस्था बुधवार को पूरी तरह वेंटिलेटर पर नजर आई।
Hazaribagh: झारखंड के हजारीबाग जिला मुख्यालय सहित पूरे शहरी क्षेत्र की यातायात व्यवस्था बुधवार को पूरी तरह वेंटिलेटर पर नजर आई। सुबह दफ्तर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुलने के वक्त से शुरू हुआ जाम का यह सिलसिला दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के समय और विकराल हो गया। कचहरी चौक, इंद्रपुरी चौक, नवाबगंज रोड और मेन रोड जैसे शहर के सबसे व्यस्त मार्गों पर गाड़ियां रेंगने को मजबूर थीं, जिससे पूरे हजारीबाग शहर में अफरा-तफरी और अराजकता का माहौल बना रहा।
कचहरी चौक से लेकर इंद्रपुरी तक फंसी रहीं एंबुलेंस और गाड़ियां
प्रशासनिक और न्यायिक गतिविधियों के केंद्र कचहरी चौक पर सुबह से ही गाड़ियों का भारी दबाव देखने को मिला। जरूरी अदालती और कलेक्ट्रेट के काम से पहुंचे आम लोगों के साथ-साथ गंभीर मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस भी इस भीषण जाम में घंटों फंसी रहीं। वहीं शहर के व्यावसायिक केंद्र इंद्रपुरी चौक पर चारों दिशाओं से आने वाले वाहन आपस में ऐसे उलझे कि चक्के पूरी तरह थम गए। नवाबगंज रोड और मेन रोड पर सड़कों के दोनों ओर बेतरतीब खड़े वाहनों और दुकानदारों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण के कारण राहगीरों का पैदल चलना तक दूभर हो गया।
बंधक बनीं स्कूल बसें, भूख-प्यास से बिलखते नजर आए नौनिहाल
इस ट्रैफिक व्यवस्था की नाकामी का सबसे दर्दनाक खामियाजा मासूम स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ा। दोपहर में छुट्टी के बाद विभिन्न स्कूलों की बसें, वैन, ऑटो और टोटो चौराहों पर ही घंटों बंधक बने रहे। हल्की बारिश और उमस भरी गर्मी के बीच वाहनों के अंदर बंद बच्चे भूख और प्यास से तड़पते और रोते-बिलखते नजर आए। जब तय समय बीत जाने पर भी बच्चे घर नहीं पहुंचे, तो चिंतित अभिभावक खुद सड़कों पर निकल पड़े और जाम में फंसी गाड़ियों के बीच बदहवास होकर अपने बच्चों को तलाशते दिखे।
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