साहिबगंज में ‘CBI डिजिटल अरेस्ट’ का खौफनाक खेल, 1.20 करोड़ ठगी मामले में 3 गिरफ्तार
साहिबगंज के बरहरवा थाना क्षेत्र के रहने वाले गौतम दास को अज्ञात साइबर अपराधियों ने WhatsApp कॉल किया।
Sahibganj: साहिबगंज के बरहरवा थाना क्षेत्र के रहने वाले गौतम दास को अज्ञात साइबर अपराधियों ने WhatsApp कॉल किया। आरोप है कि कॉल करने वालों ने खुद को CBI का अधिकारी बताया और गौतम को मानसिक दबाव में लेने के लिए उसके खिलाफ FIR दर्ज होने की बात कही। इसके बाद अपराधियों ने अश्लील वीडियो का डर दिखाकर उसे लगातार परेशान किया। पुलिस के अनुसार, इसी डर का फायदा उठाकर उससे बड़ी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई।
5500 बार ट्रांसफर, करीब 4000 खातों का इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक, गौतम दास से करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये RTGS के जरिए ट्रांसफर करवाए गए। रकम को करीब 5500 ट्रांजैक्शन में लगभग 4000 अलग-अलग बैंक खातों में भेजा गया। मामले को लेकर 31 अगस्त 2026 को बरहरवा थाना में कांड संख्या 218/26 दर्ज किया गया। रकम और ट्रांजैक्शन की संख्या को देखते हुए पुलिस ने इसे गंभीर मामला माना।
बैंक स्टेटमेंट से खुलने लगी गिरोह की कड़ी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर DSP सह साइबर सेल नोडल पदाधिकारी के नेतृत्व में SIT बनाई गई। टीम ने बैंक स्टेटमेंट और तकनीकी शाखा की मदद से पैसों के लेनदेन और आरोपियों से जुड़े सुराग खंगालने शुरू किए। जांच के दौरान पुलिस को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर इलाके तक गिरोह की कड़ी मिली। इसके बाद छापेमारी कर अंतरराज्यीय साइबर गिरोह से जुड़े तीन कथित आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
दुर्गापुर से तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान-दुर्गापुर क्षेत्र की बॉम्बे कॉलोनी निवासी रंजीत बास्की, एनटीपीसी विद्यानगर, आईटीआई गोसाईं टोला निवासी आसित महतो और विधाननगर, हुरको दुर्गापुर निवासी धीरज हरी के रूप में हुई है। छापेमारी टीम में बरहरवा पुलिस निरीक्षक संतोष कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक अनिल कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक सत्यवान कुंभकार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के दूसरे सदस्यों और ठगी की रकम के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
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