'राजनीतिक मतभेद थे, लेकिन मनभेद कभी नहीं', सुदिव्य सोनू को याद कर भावुक हुए सरयू राय, शिक्षकों ने दी श्रद्धांजलि
झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के अचानक निधन की खबर से पूरा राज्य सन्न रह गया।
Jamshedpur: झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के अचानक निधन की खबर से पूरा राज्य सन्न रह गया। रविवार को जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब वहां चल रहे ‘शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा का उत्थान’ कार्यक्रम के बीच मंत्री जी के निधन की दुखद सूचना पहुंची। स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट और नेचर फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस बड़े सेमिनार का पूरा माहौल पल भर में गमगीन हो गया। आयोजकों ने तुरंत फैसला लेते हुए सेमिनार को रद्द कर दिया और उसे एक भावुक शोकसभा में बदल दिया। सभागार में जुटे सैकड़ों शिक्षकों, प्राचार्यों और शिक्षाविदों ने नम आंखों से अपने चहेते मंत्री को नमन किया।
'मतभेद थे, पर मनभेद कभी नहीं रहा'
कार्यक्रम के संयोजक और जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय दिवंगत मंत्री को याद करते हुए खुद पर काबू नहीं रख सके। श्रद्धांजलि देते समय उनका गला भर आया और आंखें डबडबा गईं। उन्होंने कहा कि आज के दिन यहां शिक्षा के स्तर को सुधारने और शिक्षकों के मान-सम्मान पर बात होनी थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। सरयू राय ने कहा कि सुदिव्य सोनू बेहद होनहार, हाजिरजवाब और भरोसे के प्रतीक थे। दोनों के बीच सियासी सोच अलग थी, राजनीतिक मतभेद भी रहे, लेकिन दिलों में कभी कोई दूरी नहीं आई। उम्र का बड़ा फासला होने के बाद भी दोनों का रिश्ता हमेशा प्यार और अपनेपन से भरा रहा।
शिक्षाविदों ने कहा- अधूरी रह गई उच्च शिक्षा की क्रांति
शोकसभा में मौजूद कई विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने मंत्री सुदिव्य सोनू के विजन को याद किया। रांची यूनिवर्सिटी की वीसी प्रो. सरोज शर्मा ने कहा कि सुदिव्य सोनू ने शिक्षा सुधार की जो अलख जगाई थी, उसे मुकाम तक पहुंचाना ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा। सोना देवी यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रभाकर सिंह ने कहा कि वे विजन और पक्के इरादों वाले नेता थे, अगर जिंदगी ने थोड़ा और वक्त दिया होता तो वे झारखंड की उच्च शिक्षा का पूरा नक्शा बदल देते। वहीं, झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के कुलपति डॉ. डीके सिंह और विनोबा भावे यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. चंद्रभूषण शर्मा ने उन्हें एक बेबाक वक्ता और विजनरी लीडर बताया।
भजन की धुन और दो मिनट का सन्नाटा
शोकसभा के दौरान पूरा सभागार दो मिनट के लिए मौन खड़ा रहा और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। मंच पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की तस्वीर पर सभी गणमान्य लोगों और शिक्षकों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। डॉ. रागिनी भूषण ने 'वैष्णव जन तो तेने कहिए' भजन गाकर माहौल को और भी भावुक बना दिया, जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ. मुदिता चंद्रा ने संभाला। विधायक सरयू राय ने साफ किया कि शिक्षकों के सम्मान से जुड़े इस सेमिनार की अगली तारीख जल्द ही तय कर घोषित की जाएगी।
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