दुग्दा में छाई ट्रांसपोर्टिंग को लेकर दो फाड़!, कोई रोजगार के लिए उतरा, कोई प्रदूषण के डर से विरोध में
बोकारो जिले के दुग्दा में चंद्रपुरा ताप विद्युत केंद्र (CTPS) से निकलने वाली छाई की ट्रांसपोर्टिंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
Bokaro: बोकारो जिले के दुग्दा में चंद्रपुरा ताप विद्युत केंद्र (CTPS) से निकलने वाली छाई की ट्रांसपोर्टिंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दुग्दा मिडलिंग वर्कर्स कमेटी के बैनर तले बुढीडीह गांव के ग्रामीणों ने एक बड़ी बैठक बुलाई। बैठक में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण और मजदूर जुटे और उन्होंने ठप पड़े छाई ट्रांसपोर्टिंग के काम को जल्द से जल्द चालू कराने की पुरजोर मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि काम बंद होने से स्थानीय लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो रहा है।
प्लांट से बंगाल तक का सफर, बीच में अटका पेंच
पूरा मामला चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन से निकलने वाली राख यानी छाई की ढुलाई से जुड़ा है। नक्स सर्विस प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने प्लांट से मालगाड़ी के जरिए इस छाई को पश्चिम बंगाल भेजने का ठेका लिया है। तय योजना के मुताबिक, प्लांट से ट्रकों के जरिए छाई को पहले दुग्दा रेलवे साइडिंग लाया जाएगा और फिर वहां से वैगनों में लोड कर बंगाल भेजा जाना है। लेकिन दुग्दा साइडिंग से सटे बुढीडीह गांव में इसे लेकर दो फाड़ हो गए हैं। एक गुट जहां रोजगार का हवाला देकर काम चालू कराने की मांग कर रहा है, वहीं दूसरा गुट प्रदूषण का डर दिखाकर इस ट्रांसपोर्टिंग का कड़ा विरोध कर रहा है।
'कोयलांचल में ट्रांसपोर्टिंग ही जीवन, नियमों का हो रहा पालन'
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने दो टूक कहा कि झारखंड मुख्य रूप से कोलियरी और उद्योगों का क्षेत्र है। यहां के आम लोगों की आजीविका कोयला, बालू और छाई की ढुलाई पर ही टिकी हुई है। ग्रामीणों का तर्क था कि क्षेत्र में प्रदूषण की चुनौतियां पहले से हैं, लेकिन सभी नियमों का पालन करते हुए काम किया जाता है। ऐसे में यहां भी नियमों के तहत तुरंत ट्रांसपोर्टिंग शुरू होनी चाहिए, ताकि बेरोजगार बैठे मजदूरों और ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों को काम मिल सके।
कंपनी को मिल चुका है क्लीयरेंस, उड़ने से रोकने के भी पुख्ता इंतजाम
काम के समर्थन में उतरे ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित कंपनी को प्रदूषण नियंत्रण विभाग से विधिवत सीटीओ (CTO) मिल चुका है। इतना ही नहीं, साइडिंग इलाके में छाई उड़कर रिहायशी बस्तियों में न पहुंचे, इसके लिए कंपनी ने चारों तरफ ऊंची शीट की दीवारें खड़ी कर दी हैं। साथ ही धूल दबाने के लिए लगातार पानी के छिड़काव वाले स्प्रिंकलर सिस्टम का भी पुख्ता इंतजाम कर लिया गया है। ऐसे में बेवजह काम रोकना पूरी तरह गलत है।
बोकारो उपायुक्त के चौखट पर पहुंचेगा ग्रामीणों का दल
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल बहुत जल्द बोकारो उपायुक्त (DC) से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल प्रशासन को जमीनी हकीकत से रूबरू कराएगा और प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन कराते हुए बंद पड़े ट्रांसपोर्टिंग कार्य को बिना किसी बाधा के तुरंत शुरू कराने की लिखित मांग सौंपेगा। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि चंद लोगों के विरोध की वजह से सैकड़ों परिवारों के चूल्हे बंद नहीं होने दिए जाएंगे।
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