2014 में भवन तैयार, 12 साल बाद भी शुरू नहीं हुई इंटर की पढ़ाई, बारी में उच्च शिक्षा की मांग तेज
9 किलोमीटर दूर सतबरवा जाने को मजबूर छात्र-छात्राएं, दूरी के कारण पढ़ाई छोड़ने का दावा; ग्रामीणों ने डीसी से जल्द कक्षाएं शुरू कराने की लगाई गुहार

Medininagar Palamu : पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बारी में उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। गांव में हाई स्कूल भवन का निर्माण वर्ष 2014 में ही पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक इस भवन में इंटरमीडिएट स्तर की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। इससे बारी पंचायत सहित आसपास के करीब पांच पंचायतों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर ग्राम पंचायत बारी की ओर से पलामू उपायुक्त को आवेदन देकर हाई स्कूल भवन में उच्च माध्यमिक यानी इंटर की पढ़ाई जल्द शुरू कराने की मांग की गई है। आवेदन में ग्रामीणों ने कहा है कि क्षेत्र में भवन उपलब्ध होने के बावजूद उसका उपयोग उच्च शिक्षा के लिए नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण स्थानीय बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 9 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है सतबरवा ग्रामीणों के अनुसार, बारी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए करीब 9 किलोमीटर दूर सतबरवा जाना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र में नियमित आवागमन की पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण इतनी दूरी तय करना विद्यार्थियों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। खासकर छात्राओं के लिए रोजाना इतनी दूरी तय कर स्कूल-कॉलेज जाना परिवारों के लिए भी चिंता का विषय बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए रोजाना आने-जाने का खर्च उठाना भी मुश्किल होता है। वहीं, दूरी और आवागमन की समस्या के कारण कई विद्यार्थी आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाते हैं। कक्षा आठ के बाद पढ़ाई छोड़ने का दावा आवेदन में ग्रामीणों ने दावा किया है कि उच्च शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ने के कारण क्षेत्र के लगभग 50 से 60 प्रतिशत बच्चे कक्षा आठ के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। हालांकि इस आंकड़े का आधिकारिक सत्यापन अलग से होना बाकी है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में उच्च शिक्षा की स्थानीय व्यवस्था नहीं होने का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि बारी स्थित हाई स्कूल भवन में ही इंटरमीडिएट की पढ़ाई शुरू कर दी जाए, तो बारी के साथ-साथ आसपास की पंचायतों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को इसका सीधा लाभ मिल सकता है। 2014 में बनकर तैयार हुआ भवन ग्रामीणों ने अपने आवेदन में विशेष रूप से उल्लेख किया है कि उच्च शिक्षा के उद्देश्य से विद्यालय भवन का निर्माण 2014 में ही पूरा हो चुका है। यानी भवन तैयार हुए करीब 12 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अभी तक यहां उच्च माध्यमिक स्तर की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब भवन पहले से मौजूद है तो उसका उपयोग बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए क्यों नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि नए भवन के निर्माण की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उपलब्ध संसाधन का उपयोग करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर इंटर की कक्षाएं शुरू की जा सकती हैं। पीरामल फाउंडेशन की टीम ने किया भवन का अवलोकन आवेदन में यह भी बताया गया है कि हाल ही में जिला स्तर से पीरामल फाउंडेशन की टीम ने विद्यालय भवन का अवलोकन किया है। इससे स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि अब इस दिशा में सकारात्मक पहल हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग और जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर दी जाए, तो लंबे समय से चली आ रही उच्च शिक्षा की समस्या का समाधान हो सकता है। पांच पंचायतों के विद्यार्थियों को मिल सकता है लाभ बारी में इंटरमीडिएट की पढ़ाई शुरू होने से सिर्फ बारी पंचायत ही नहीं, बल्कि आसपास की करीब पांच पंचायतों के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और अभिभावकों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में ही इंटर की पढ़ाई शुरू होने से विशेषकर छात्राओं को काफी सुविधा मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बढ़ाने और बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने में भी मदद मिल सकती है। डीसी से जल्द कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने पलामू उपायुक्त से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए बारी हाई स्कूल भवन में जल्द से जल्द इंटरमीडिएट की पढ़ाई शुरू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
आवेदन के माध्यम से ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस मामले में पहल करेगा और संबंधित शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित कर लंबे समय से तैयार पड़े भवन का उपयोग विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए सुनिश्चित कराया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि बारी में उच्च शिक्षा की सुविधा शुरू होना केवल एक विद्यालय में कक्षाएं शुरू करने का मामला नहीं है, बल्कि यह आसपास के कई गांवों के बच्चों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। यदि यहां इंटर की पढ़ाई शुरू होती है तो बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अपने घर के आसपास ही आगे की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
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