भाई ने दर्ज कराया था अपहरण का झूठा केस, था जायदाद का मसला
घरेलू मसले को छिपाने की खातिर गुमसुदा अंकुर के बड़े भाई ने अपहरण की बात बताकर पुलिस के समक्ष केस दर्ज कराया था. डेढ़ साल बाद युवक को गिरिडीह मुफ्फसिल थाना पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से ढूंढ निकाला है.

गिरिडीह : पिता की संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलने से नाराज युवक घर से डेढ़ साल से गायब था. गुमसुदा युवक अंकुर सिघांनिया के बड़े भाई अंकित सिघांनिया ने थाने में अपहरण की बात बता कर झूठा केस दर्ज कराया था. गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना पुलिस ने डेढ़ साल बाद हरियाणा के फरीदाबाद से अंकित को ढूंढ निकालने में सफल रही.
रविवार को सदर एसडीपीओ जितवाहन और थाना प्रभारी श्याम महतो ने जॉइंट प्रेसवार्ता कर जानकारी दी कि पिता की संपत्ति मे बंटवारा कर हिस्सा नहीं मिलने के कारण अंकुर परिवार को बताकर घर से भाग गया था. बताया कि पिछले साल नवंबर की इस घटना को अपहरण के संदेह पर युवक के भाई ने केस दर्ज कराया था.
एसपी के निर्देश पर विशेष जांच टीम का गठन किया गया. जिससे अंकुर का पता लगाने में पुलिस सफल रही. तकनीकी टीम की मदद से मोबाइल लोकेशन के जरिए पुलिस ने अंकुर को हरियाणा के फरीदाबाद से खोज निकाला गया.
पुलिस की जानकारी के अनुसार अंकुर ने खुद बताया कि इसका कोई अपहरण नहीं हुआ था, वह अपनी मर्जी से ही भागा था.
अब, युवक के बड़े भाई के खिलाफ झूठा केस दर्ज कराने व पुलिस को पूरी बात न बताने को लेकर पुलिस जांच कर रही है.
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