मोतिहारी नगर निगम में टेंडर का खेल! पांच गुना कम दर पर आवंटन से राजस्व नुकसान के आरोप
अधिकारी-जनप्रतिनिधि गठजोड़ की चर्चा, टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की उठी मांग

Motihari, Bihar: नगर निगम की एक टेंडर प्रक्रिया को लेकर शहर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. आरोप लगाए जा रहे हैं कि निगम के एक महत्वपूर्ण टेंडर को पिछले वर्ष की तुलना में लगभग पांच गुना कम राशि पर आवंटित किया गया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है. मामले को लेकर निगम प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं.
सूत्रों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में कम बोली लगाकर ठेका हासिल किया गया और इसके पीछे सुनियोजित तरीके से पूरी प्रक्रिया को प्रभावित करने की चर्चा है. आरोप यह भी हैं कि कुछ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल के कारण टेंडर को मनचाहे तरीके से मंजूरी दिलाई गई. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
चर्चा यह भी है कि पूरे मामले में पक्ष और विपक्ष दोनों खेमों के कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका रही है. राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर ऐसा कौन-सा दबाव या प्रभाव था, जिसके कारण टेंडर को इतनी कम दर पर स्वीकृति मिली. मामले में जिले के एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि का नाम लेकर पर्दे के पीछे से लीपापोती की कोशिश किए जाने की भी चर्चाएं हैं, हालांकि इसकी भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
जानकारों का कहना है कि यदि पिछले वर्ष और वर्तमान वर्ष के टेंडर मूल्य की तुलना की जाए तो अंतर बेहद बड़ा है. ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या निगम के हितों की अनदेखी कर किसी विशेष पक्ष को लाभ पहुंचाया गया. यदि ऐसा है तो इससे सरकारी खजाने को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
नगर निगम के अंदर और बाहर इस मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं. आरोप है कि कुछ जनप्रतिनिधियों ने मिलकर कम राशि पर टेंडर मैनेज कराने की रणनीति तैयार की और पूरी प्रक्रिया को प्रभावित किया. अब मांग उठ रही है कि टेंडर की शर्तों, बोलीदाताओं, चयन प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके.
मामले ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया है और आने वाले दिनों में यह नगर निगम की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है. फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है और क्या आरोपों की जांच कराई जाती है.
(मोतिहारी से प्रतीक सिंह की रिपोर्ट)
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