पलामू में यूरिया-डीएपी की कालाबाजारी पर सख्ती, डीसी ने टास्क फोर्स को दिए नियमित जांच के निर्देश
पलामू जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने वर्चुअल बैठक कर यूरिया एवं डीएपी की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने को लेकर गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स को नियमित जांच के निर्देश दिए।

Medininagar Palamu खरीफ सीजन में किसानों को समय पर और निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पलामू जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने वर्चुअल बैठक कर यूरिया एवं डीएपी की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने को लेकर गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स को नियमित जांच के निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में उर्वरकों की कृत्रिम कमी, जमाखोरी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करने और अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डीसी ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को प्रतिष्ठान में मूल्य सूची (रेट चार्ट), आवश्यक सूचनाएं और वैध लाइसेंस प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल ई-पॉश (e-POS) मशीन के माध्यम से आधार सत्यापन के बाद ही किया जाए। बिना ई-पॉश और आधार सत्यापन के किसी भी स्थिति में खाद का वितरण नहीं होगा।
उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में टास्क फोर्स की नियमित बैठक आयोजित करने और खाद वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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