स.शि. वि. मंदिर बाघमारा में तीन दिवसीय आचार्य कार्यशाला का शुभारंभ
बाघमारा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारी हेतु तीन दिवसीय आचार्य कार्यशाला शुरू हुई. उद्घाटन विद्यालय सचिव और प्रधानाचार्य ने दीप प्रज्वलित कर किया. इसका मुख्य उद्देश्य NEP-2020 के तहत छात्रों का सर्वांगीण विकास और आगामी सत्र की कार्ययोजना तैयार करना है.

Jharkhand (Dhanbad): स्थानीय सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में आज 30 मार्च 2026 को तीन दिवसीय वार्षिक आचार्य कार्यशाला (30 मार्च से 01 अप्रैल) का विधिवत शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय सचिव राजेंद्र प्रसाद, कोषाध्यक्ष अशोक राय, समिति सदस्य विनय कुमार पांडे और प्रधानाचार्य संतोष कुमार झा ने दीप प्रज्वलित कर की. विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य सुभाष चौधरी ने मंचासीन अतिथियों का परिचय कराया.

कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रधानाचार्य संतोष कुमार झा ने कहा कि विद्या भारती 1952 से शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में संलग्न है. यह कार्यशाला कुल 14 सत्रों में संपन्न होगी, जिसमें पिछले सत्र (2025-26) की समीक्षा की जाएगी और आगामी सत्र (2026-27) के लिए ठोस रणनीतियाँ बनाई जाएंगी. विद्यालय का लक्ष्य नई शिक्षा नीति (NEP-2020) और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है.

समिति सदस्य विनय कुमार पांडे ने आचार्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षकों के सकारात्मक प्रयास ही छात्रों के भविष्य की नींव हैं. सचिव राजेंद्र प्रसाद ने अपने आशीर्वचन में विश्वास जताया कि तीन दिनों के इस वैचारिक मंथन का परिणाम छात्रों के हित में सुखद रहेगा. इस अवसर पर विद्यालय के समस्त आचार्य और दीदीजी उपस्थित रहे.
रिपोर्ट: राजू वर्मा
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