चतरा मॉब लिंचिंग केस में SP का बड़ा एक्शन, युवक को भीड़ से न बचा पाने वाले 2 दारोगा और 2 सिपाही सस्पेंड
Social Media पर वायरल हुए मारपीट के वीडियो से यह साफ हो गया कि मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने पिता-पुत्र को हिंसक भीड़ से बचाने के लिए कोई सार्थक या प्रभावी प्रयास नहीं किया

Chatra Mob Lynching: चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र स्थित बड़गांव में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर युवक मो. इमरोज की हत्या किए जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) अनिमेष नैथानी ने कड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। घटना के दौरान मौके पर मौजूद होने के बावजूद पिता-पुत्र को उग्र भीड़ से बचाने में नाकाम रहे दो दारोगा और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
viral video से खुली पुलिस की लापरवाही की पोल
बीते दिनों बड़गांव में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में उग्र ग्रामीणों ने मो. इमरोज और उसके पिता सुल्तान मियां पर जानलेवा हमला कर दिया था। घटना की सूचना मिलने पर टंडवा थाने से चार पुलिसकर्मियों को मौके पर भेजा गया था। Social Media पर वायरल हुए मारपीट के वीडियो से यह साफ हो गया कि मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने पिता-पुत्र को हिंसक भीड़ से बचाने के लिए कोई सार्थक या प्रभावी प्रयास नहीं किया।
नतीजतन, गंभीर रूप से घायल मो. इमरोज की हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे थे, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई थी।
SDPO प्रभात रंजन बड़वार ने की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए SP ने टंडवा SDPO प्रभात रंजन बड़वार को जांच के आदेश दिए थे। SDPO की जांच रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर SP के गोपनीय कार्यालय ने पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया है।
इन चार पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
1. सुनील सिंह (सब-इंस्पेक्टर / SI)
2. दुलारी पूर्ति (महिला सब-इंस्पेक्टर / SI)
3. दशरथ महतो (आरक्षी / सिपाही)
4. प्रदीप कुमार (आरक्षी / सिपाही)
निलंबन अवधि के दौरान इन चारों का मुख्यालय चतरा पुलिस केंद्र निर्धारित किया गया है और इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी आदेश दे दिए गए हैं।
अब तक 11 हत्यारे गिरफ्तार, छापेमारी जारी
SP अनिमेष नैथानी ने बताया कि इस मॉब लिंचिंग की घटना में शामिल 11 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत (जेल) भेजा जा चुका है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
'लापरवाही बर्दाश्त नहीं'
SP ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी भी स्तर की लापरवाही या उदासीनता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और हर एक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसमें कोताही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।
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