सोमेश सोरेन आज तक जमीन से नहीं जुड़े...,गरीबों के मसीहा है बाबूलाल सोरेन- भानु प्रताप शाही
इरफान को चुनौती दी थी कि घाटशिला आए और सभी मदरसा और मस्जिद में जाए. लेकिन यहां न आकर वे भागलपुर में घूम रहे है रोज-रोज बाहरी बिहारी, बहरी बिहारी बोलते है लेकिन आज बिहार में वोट मांग रहे है.

Ghatshila By-Election: घाटशिला विभानसभा उपचुनाव को लेकर सत्ता और विपक्षी दल के नेताओं ने अपनी कमर कस ली है. अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में पार्टी के स्टार प्रचारक लगातार चुनावी सभा को संबोधित कर रहे हैं और लोगों से उनके पक्ष में वोट की अपील कर रहे हैं. इस बीच बीजेपी के फायर ब्रांड नेता भानु प्रताप शाही ने एक बार फिर JMM और कांग्रेस पर अपने अंदाज में तंज कसा है. उन्होंने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को भी चुनौती दे डाली है.
'घाटशिला में इस बार खिलेगा कमल'
भानु प्रताप शाही ने कहा कि बाबूलाल सोरेन गरीबों के मसीहा है घाटशिला में बीजेपी के अलावे किसी की दाल नहीं गलेगी. भानु प्रताप ने दावा भी किया है कि इस बार घाटशिला में कमल फूल खिलेगा. उन्होंने कहा कि घाटशिला में सरकार के पिछले 6 सालों के कार्यकाल को लें. क्योंकि लगातार उनके विधायक यहां के रहे है. सरकार में मंत्री रहे है ऐसे में पिछले 6 वर्षों का एक काम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन अपने मंच से गिना कर बता दें, कि घाटशिला में हमने ये कार्य किए है. भानु प्रताप ने कहा कि घाटशिला में पानी की किल्लत है. एक चापाकल में 500-500 लोग पानी पी रहें, सड़कें टूटी हुई है, नाली बनाने के पैसे नहीं और अस्पतालों की स्थिति ऐसी है कि गर्भवती महिलाएं हॉस्पिटल तो पहुंच पा रही लेकिन फर्श पर बच्चे को जन्म दे रही और उसकी मृत्यु भी हो जा रही है.
इरफान अंसारी को देना चाहिए अपने पद से इस्तीफा- भानु
भानु प्रताप ने कहा- इरफान अंसारी को चुनौती दी थी कि घाटशिला आए और सभी मदरसा और मस्जिद में जाए. लेकिन यहां न आकर वे भागलपुर में घूम रहे है रोज-रोज बाहरी बिहारी, बहरी बिहारी बोलते है लेकिन आज वे बिहार में जाकर वोट मांग रहे है. हजारीबाग के बच्चों को एचआईवी पॉजेटिव ब्लड चढ़ाए जाने मामले में भानु प्रताप ने कहा कि राज्य में इतनी बड़ी घटना हो गई लेकिन मंत्री ने अब तक कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं ली है. क्या इसमें उनकी जवाबदेही नहीं बनती? इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री को अपने पद से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देने चाहिए. और अगर वे इस्तीफा रहे तो मुख्यमंत्री को हाथ पकड़कर उन्हें बाहर करना चाहिए.
जमीन से जुड़ा व्यक्ति है बाबूलाल सोरेन- भानु प्रताप
पढ़ाई के मामले में बाबूलाल सोरेन से सोमेश सोरेन की तुलना पर भानु प्रताप ने कहा कि पढ़ाई अपने जगह पर सही है लेकिन राजनीति से पढ़ाई का तुलना करना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि जमीन का ज्ञान जमीन पर रहने वाले व्यक्ति को होता है राजनीति जमीन से जुड़े हुए लोगों का चीज है. घाटशिला में जनता बोल रही है कि जमीन से जुड़ा कोई व्यक्ति है तो वह बाबूलाल सोरेन है. दिवंगत रामदास सोरेन के बेटे है सोमेश सोरेन लेकिन वे आज तक जमीन से नहीं जुड़े है. पिता जरूर जुड़े थे.
रिपोर्ट- नवीन शर्मा
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