गरीबों के कफन पर डाका! चंपारण में कबीर अंत्येष्टि योजना में साढ़े चार लाख का घोटाला
जीवित लोगों के नाम निकली राशि, अपात्रों को बांटा गया लाभ; विभागीय जांच में खुली मुखिया-पंचायत सेवक की मिलीभगत

Motihari, Bihar : बापू की कर्मभूमि चंपारण इन दिनों विकास योजनाओं में गड़बड़ी और सरकारी राशि के गबन को लेकर लगातार सुर्खियों में है. इस बार मामला इतना शर्मनाक है कि गरीबों के कफन के लिए दी जाने वाली सरकारी सहायता राशि तक में बंदरबांट का खुलासा हुआ है.
मोतिहारी के कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत दरमाहा पंचायत में कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितता और गबन का मामला सामने आया है. विभागीय जांच में खुलासा हुआ है कि कई जीवित लोगों के नाम पर अंत्येष्टि सहायता राशि की निकासी कर ली गई. इतना ही नहीं, कई ऐसे लोगों को भी योजना का लाभ दिया गया जो बीपीएल श्रेणी में नहीं आते और एपीएल परिवार से हैं.

यह मामला लगातार 20 सूत्री की बैठकों में उठता रहा. स्थानीय विधायक शालिनी मिश्रा ने जिलाधिकारी से इसकी जांच की मांग की, जिसके बाद डीएम के निर्देश पर डीआरडीए निदेशक कुंदन कुमार ने जांच कराई. जांच रिपोर्ट में सामने आया कि केवल एक पंचायत में ही करीब साढ़े चार लाख रुपये की अनियमित निकासी और गबन हुआ है.
जांच में यह भी पाया गया कि दर्जनों अपात्र लोगों को मुखिया और पंचायत सेवक की मिलीभगत से योजना का लाभ दिया गया, जबकि वास्तविक और पात्र लाभुक सरकारी सहायता के लिए दर-दर भटकते रहे. डीआरडीए निदेशक कुंदन कुमार ने स्वयं स्वीकार किया है कि गलत तरीके से राशि की निकासी हुई है तथा कई ऐसे लोगों को लाभ दिया गया जो योजना की पात्रता के दायरे से बाहर थे.
जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है. अब सवाल यह है कि क्या इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई होगी या फिर यह घोटाला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा.
गौरतलब है कि पूर्वी चंपारण में हाल के दिनों में विकास योजनाओं में गड़बड़ी के कई मामले सामने आ चुके हैं. केसरिया और पताही में बिना सड़क के पुलिया निर्माण के विवाद अभी थमे भी नहीं थे कि दरमाहा पंचायत का यह नया घोटाला सामने आ गया. जानकारों का मानना है कि यदि पूरे जिले में कबीर अंत्येष्टि योजना और अन्य पंचायत स्तरीय योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो घोटाले का आंकड़ा लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है.
(मोतिहारी से प्रतीक सिंह की रिपोर्ट)
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