सहरसा में डॉल्फिन का बेरहमी से शिकार, वीडियो वायरल होते ही वन विभाग की रेड
सहरसा में कोसी नदी के डरहार गांव के पास गांगेय डॉल्फिन के कथित शिकार का मामला सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग ने कार्रवाई कर मृत डॉल्फिन बरामद की। मुख्य आरोपी वीरेंद्र की तलाश जारी है।


सहरसा : कोसी नदी में राष्ट्रीय जलीय जीव गांगेय डॉल्फिन के शिकार का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। डरहार गांव के पास कथित तौर पर दो शिकारियों ने जाल में फंसाकर डॉल्फिन को मार डाला और नाव पर ही उसका तेल निकालने की कोशिश की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो वन विभाग हरकत में आया और मौके पर पहुंचकर मृत डॉल्फिन को बरामद किया।
वीडियो वायरल हुआ तो हरकत में आया वन विभाग
बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी वीडियो के जरिए सामने आने के बाद वन विभाग की टीम ने कार्रवाई शुरू की। वनपाल मोहम्मद अब्दुल सलाम के नेतृत्व में संयुक्त टीम कोसी नदी के डरहार गांव के समीप पहुंची।
वन विभाग की टीम के पहुंचने की भनक लगते ही कथित शिकारी मौके से फरार हो गए। हालांकि, नदी किनारे मृत डॉल्फिन बरामद कर ली गई। मामले में मुख्य आरोपी वीरेंद्र की तलाश की जा रही है।
डॉल्फिन का तेल निकालने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, डॉल्फिन को जाल में फंसाने के बाद नाव पर ही उसका तेल निकालने की कोशिश की जा रही थी। घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वन विभाग की रेंज ऑफिसर ने बताया कि घटना संज्ञान में है और आरोपी की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गांगेय डॉल्फिन को भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव दर्जा प्राप्त है। वर्ष 2009 में इसे राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया था। इसे वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत उच्च स्तर का संरक्षण प्राप्त है और इसका शिकार प्रतिबंधित है। डॉल्फिन नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसकी मौजूदगी नदी के स्वास्थ्य का संकेत देती है। ऐसे में इसका शिकार केवल वन्यजीव कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि नदी के पर्यावरण के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।
मुख्य आरोपी की तलाश जारी
वन विभाग अब वायरल वीडियो और घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रहा है। मुख्य आरोपी वीरेंद्र समेत अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है। फिलहाल सवाल सिर्फ एक डॉल्फिन के शिकार का नहीं, बल्कि कोसी की जलीय जैव-विविधता को बचाने का भी है। अब देखना होगा कि वन विभाग इस मामले में आरोपियों तक कितनी जल्दी पहुंचता है।
(सहरसा से इंद्रदेव की रिपोर्ट)

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