एक नंबर से फेल हुई अभ्यर्थी को झारखंड हाईकोर्ट से राहत!, स्पेशल एजुकेशन की 1 सीट सुरक्षित रखने का आदेश
माध्यमिक आचार्य भर्ती परीक्षा को लेकर झारखंड हाईकोर्ट से एक अभ्यर्थी को बड़ी राहत मिली है।

Jharkhand High Court: माध्यमिक आचार्य भर्ती परीक्षा को लेकर झारखंड हाईकोर्ट से एक अभ्यर्थी को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने याचिकाकर्ता नेहा कुमारी के मामले पर सुनवाई करते हुए स्पेशल एजुकेशन विषय में माध्यमिक आचार्य का एक पद उनके लिए सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई बुधवार को हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई, जहां याचिकाकर्ता की तरफ से वकील चंचल जैन ने पैरवी की।
सिर्फ 1 नंबर की चूक से रुकी चयन प्रक्रिया
याचिकाकर्ता ने माध्यमिक आचार्य भर्ती परीक्षा के पेपर-1 में नंबर दिए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। याचिका के मुताबिक, पेपर-1 पास करने के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग अंक 66 तय किए गए थे। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने जो आधिकारिक आंसर-की जारी की थी, उसमें एक सवाल का जो जवाब सही माना गया था, वही उत्तर नेहा कुमारी ने भी दिया था। इसके बावजूद उन्हें उस सवाल का 1 नंबर नहीं दिया गया।
एक नंबर न मिलने से पेपर-2 की जांच भी अटकी
अदालत में दलील दी गई कि अगर आयोग वह 1 नंबर सही तरीके से जोड़ देता, तो याचिकाकर्ता पेपर-1 के न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स हासिल कर लेतीं। केवल एक नंबर कम रह जाने की वजह से उन्हें फेल मान लिया गया। इसका सीधा असर यह हुआ कि उनके पेपर-2 की कॉपियों की जांच ही नहीं की गई और वह चयन प्रक्रिया की अगली दौड़ से बाहर हो गईं।
कोर्ट ने सीट सुरक्षित रखने का दिया आदेश, 13 अक्टूबर को अगली तारीख
तमाम दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि स्पेशल एजुकेशन विषय में माध्यमिक आचार्य का एक पद नेहा कुमारी के लिए सुरक्षित रखा जाए। अदालत ने इस मामले में अब अगली सुनवाई की तारीख 13 अक्टूबर तय की है।
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