10 अगस्त को 'रास्ता रोको-रेल रोको' आंदोलन, रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर चक्का जाम करेंगे किसान और मजदूर
10 अगस्त को संयुक्त किसान मोर्चा और मजदूर संगठन रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर रास्ता रोको-रेल रोको आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन में MSP, मजदूरी, JPSC-JSSC समेत कई मुद्दे उठेंगे।

Ranchi: केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा और विभिन्न मजदूर संगठनों ने आगामी 10 अगस्त को राष्ट्रव्यापी 'रास्ता रोको-रेल रोको' आंदोलन का बड़ा ऐलान किया है। इस आंदोलन को लेकर रांची स्थित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के राज्य कार्यालय में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। संगठनों ने जानकारी दी कि 10 अगस्त को रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर शाम 4 बजे से 7 बजे तक सड़क जाम किया जाएगा। दावा किया जा रहा है कि इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, महिलाएं, छात्र और युवा हिस्सा लेंगे। प्रेस वार्ता में भाकपा के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक, किसान सभा के प्रदेश संयोजक भंते जैनेंद्र तथागत और सीटू की ओर से प्रतीक मिश्रा प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
MSP से लेकर JPSC-JSSC तक के मुद्दे शामिल
आंदोलनकारी संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं। राष्ट्रीय स्तर की मांगों में चारों नए श्रम कानूनों को वापस लेना, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए 26 हजार रुपये न्यूनतम मजदूरी तय करना, काम के घंटे 12 से घटाकर वापस 8 घंटे करना और भूमि बैंक को समाप्त करना शामिल है। इसके अलावा किसानों के लिए MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी, किसानों, महिलाओं व छात्रों की कर्जमाफी, और मनरेगा के तहत 250 दिन का रोजगार व 700 रुपये दैनिक मजदूरी देने की मांग की गई है।
वहीं, झारखंड के स्थानीय मुद्दों को भी इस आंदोलन में प्रमुखता से शामिल किया गया है, जिनमें विवादित JPSC परीक्षा को रद्द करने और JSSC पेपर लीक मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग शामिल है।
भाकपा और अन्य संगठनों ने दिया पूर्ण समर्थन
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाकपा के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि उनकी पार्टी किसान-मजदूरों के इस जायज आंदोलन का पूरी तरह से समर्थन करती है। पार्टी के कार्यकर्ता भी 10 अगस्त को सड़क पर उतरकर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। वहीं, किसान सभा के प्रदेश संयोजक भंते जैनेंद्र तथागत ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार किसानों, मजदूरों, युवाओं और महिलाओं के हितों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और परीक्षाओं में हो रही धांधली को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई।
सीटू (CITU) की ओर से भी आम लोगों और कार्यकर्ताओं से इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की गई है। सभी संगठनों ने मिलकर यह संकल्प लिया है कि रांची के साथ-साथ राज्य के अन्य हिस्सों में भी इस 'रास्ता रोको-रेल रोको' आंदोलन को पूरी तरह से प्रभावी बनाया जाएगा।
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