रांची स्मार्ट सिटी का होगा विस्तार!, दूसरे जिलों में भी बनेंगी सैटलाइट टाउनशिप
झारखंड में रांची स्मार्ट सिटी के विस्तार और अन्य शहरीकृत जिलों में सैटलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भूमि, कनेक्टिविटी, रोजगार और नागरिक सुविधाओं पर विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

रांची: झारखंड में सुनियोजित शहरी विकास को नई दिशा देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों के साथ ग्रेटर रांची डेवलपमेंट अथॉरिटी (GRDA) और रांची स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत भूमि से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में राज्य के शहरीकृत जिलों में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर सैटलाइट टाउनशिप विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के अन्य शहरीकृत जिलों में सैटलाइट टाउनशिप विकसित करने की संभावना का समग्र अध्ययन किया जाए। इसके लिए उपलब्ध जमीन, आधारभूत संरचना, कनेक्टिविटी, नागरिक सुविधाएं, रोजगार की संभावनाओं और भविष्य की आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
सिर्फ सड़क और भवन नहीं, नागरिक सुविधाओं पर होगा फोकस
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि शहरीकरण को केवल भवनों और सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। शहरों का विकास नागरिकों की जरूरतों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर होना चाहिए।
उन्होंने ऐसे आधुनिक और टिकाऊ शहरी केंद्र विकसित करने पर जोर दिया, जहां लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण, सुगम आवागमन और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवाएं आसानी से मिल सकें।
रांची स्मार्ट सिटी के विस्तार की भी बनेगी योजना
बैठक में रांची स्मार्ट सिटी के भविष्य में विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्मार्ट सिटी के वर्तमान स्वरूप और उपलब्ध संसाधनों का आकलन कर विस्तारीकरण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी, आर्थिक गतिविधियों और शहरी जरूरतों को देखते हुए रांची के दीर्घकालिक और संतुलित विकास के लिए अभी से योजनाबद्ध तरीके से काम करना जरूरी है।
HEC की जमीन को लेकर भी होगी बातचीत
स्मार्ट सिटी क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए भविष्य में HEC के साथ भूमि और अन्य संबंधित विषयों पर बातचीत किए जाने की संभावना पर भी बैठक में चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी पहलुओं का अध्ययन कर आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया।
स्मार्ट सिटी से बढ़ेंगे रोजगार और निवेश के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक शहरी परियोजनाओं का उद्देश्य सिर्फ बेहतर शहर बनाना नहीं, बल्कि निवेश, रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर तैयार करना भी है। उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को भूमि से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने, आपसी समन्वय बनाए रखने और काम की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहरी विकास की हर योजना में मौजूदा जरूरतों के साथ आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए, ताकि झारखंड के शहर विकास और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में नई पहचान बना सकें।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार, उद्योग विभाग के सचिव अरवा राजकमल, राजस्व विभाग के सचिव चंद्रशेखर, रांची DC मंजूनाथ भजंत्री, स्मार्ट सिटी CEO सूरज कुमार, JIADA MD वरुण रंजन समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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