रांची नगर निगम के बारिश की तैयारियों की खुली पोल, फंड की कमी बताकर पल्ला झाड़ रहे अधिकारी
राजधानी रांची में बारिश शुरू होने से पहले ही नाली के पानी की निकासी की व्यवस्था और जलजमाव से निबटने के उपायों की पोल खुल चुकी है. अभी मानसून शुरू भी नहीं हुआ, इसके बावजूद एक-आध घंटे की बारिश के बाद ही कई जगहों पर सड़कों की स्थिति तालाब के जैसी दिखाई पड़ने लगी है.

Ranchi, Jharkhand: बरसात का मौसम आते ही राजधानी रांची के कई इलाकों की तस्वीर बदल जाती है. कहीं सड़कें तालाब बन जाती हैं, तो कहीं नालों का गंदा पानी लोगों के घरों में घुस जाता है. हर साल नगर निगम की ओर से नालों की सफाई और जलजमाव से निपटने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. इस बार भी मानसून की दस्तक से पहले शहर के कई इलाकों में खुले नाले, जाम नालियां और गंदगी लोगों की चिंता बढ़ा रही है.

दावों के उलट दिख रही तस्वीर
मौसम विभाग ने 5 से 10 जून के बीच झारखंड में मानसून पहुंचने की संभावना जताई है. ऐसे में रांची नगर निगम मानसून को लेकर तैयारियों का दावा कर रही है. अधिकारियों की ओर से लगातार बैठकें किए जाने और सभी वार्डों में निरीक्षण की बात कही जा रही है, लेकिन शहर के कई इलाकों की तस्वीर इन दावों की पोल खोल रही है.
नालों में स्लैब की जगह गंदगी का अंबार
रांची के हिंदपीढ़ी, हरमू, कांटा टोली, बरियातू और लोअर बाजार समेत कई इलाकों में नाले और नालियां अब भी गंदगी से भरे पड़े हैं. कई बड़े नाले खुले हुए हैं, जिन पर अब तक स्लैब नहीं लगाया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की बारिश में ही नालियां ओवरफ्लो हो जाती हैं और पानी सीधे घरों में घुसने लगता है.
जनता की शिकायतें दरकिनार !
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल सफाई और तैयारी की बातें होती हैं, लेकिन हालात कभी नहीं बदलते. बारिश में सड़क और घर दोनों में पानी भर जाता है. शिकायत करने के बाद भी कोई स्थायी समाधान नहीं होता.
खुले नाले हादसों को देते हैं न्योता
राजधानी में कई ऐसे बड़े नाले हैं जहां बारिश के दौरान पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है. खुले नालों की वजह से हादसों का खतरा भी बना रहता है. बीते वर्षों में भारी बारिश के दौरान कई लोग नालों में बह चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं.
फंड की कमी या गैर-जिम्मेदार इरादे !
वहीं नगर निगम का कहना है कि मानसून को देखते हुए तैयारी जारी है और सभी वार्डों में सफाई अभियान चलाया जा रहा है. लेकिन बड़े नालों को ढकने के लिए हमारे पास कोई भी फंड नहीं है.
जमीन पर कब दिखेंगे नगर निगम के दावे?
अब देखना होगा कि मानसून आने से पहले नगर निगम अपने दावों को जमीन पर उतार पाती है या फिर इस बार भी बारिश के साथ राजधानी की मुश्किलें सड़कों पर बहती नजर आती हैं.
(रांची से महक मिश्रा की रिपोर्ट)
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