EO विमल कुमार हत्याकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले चौंकाने वाले राज, बिहार सरकार का बड़ा फैसला!
एक हत्याकांड ने बिहार के प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। जांच में नए तथ्य सामने आने के बाद सरकार ने ऐसा फैसला लिया है, जिसका असर राज्यभर के नगर निकाय अधिकारियों पर पड़ेगा।


रोहतास: डेहरी डालमियानगर नगर परिषद के EO विमल कुमार की हत्या ने बिहार के प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या से जुड़े कई सच सामने लाए हैं तो दूसरी ओर इस घटना के बाद बिहार सरकार ने राज्य भर के नगर निकाय अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला सुना दिया है।
पहले पीटा, फिर दम घुटने तक रोक दी सांस
मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार विमल कुमार के शरीर पर कठोर और कुंड वस्तु से कई बार हमले किए गए। रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण दम घुटने और अत्यधिक रक्तस्राव से हुआ हेमरेजिक शॉक बताया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच और तेज कर दी गई है मगर रेंज के आईजी विकास वैभव ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया उन्होंने कहा की आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से जांच की जा रही है और दोषी चाहे कितना भी भाग ले, उसे जरूर दबोचा जाएगा। विमल कुमार की हत्या 1 अगस्त को हुई थी जब वह सासाराम से पटना लौट रहे थे| औरंगाबाद जिले के बारुण क्षेत्र में अपराधियों ने इस वारदात को अंजाम दिया था।
सरकार का बड़ा फैसला
इस सनसनीखेज हत्या कांड के बाद बिहार सरकार ने नगर निकायों में काम करने वाले नगर आयुक्त और कार्यपालक पदाधिकारी की सुरक्षा को लेकर नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग में सभी जिला अधिकारियों, जिला दंड अधिकारियों और वरीय पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी कर अधिकारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा है। सरकार ने यह भी कहा है की संवेदनशील क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर अधिकारियों को आर्म्स लाइसेंस भी उपलब्ध कराए जाएंगे और उनके आवेदन का भी जल्द से जल्द निपटारा किया जाएगा। इसके अलावा जिन अधिकारियों पर ज्यादा जोखिम होने की संभावना है उन्हें गृह रक्षक उपलब्ध कारण जाएंगे और इसका खर्च नगर निकाय वहन करेगा।

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