PMRC योजना 2026 शुरू, IIT और IISc जैसे संस्थान बनेंगे लीड पार्टनर
विदेशों में कार्यरत भारतीय शोधकर्ताओं के लिए मौका, 15 जुलाई तक आवेदन

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा Prime Minister Research Chair (PMRC) योजना 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह योजना को विदेशों में काम कर रहे भारतीय मूल के शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को भारत के प्रमुख शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। अभिलाषी उमीदवारों के लिए 15 जुलाई 2026 आवेदन भरने के लिए अंतिम तिथि है।
योजना के सफल निर्देशन के लिए सात मुख्य संस्थानों को ‘लीड इंस्टीट्यूशन’ बनाया गया है। इनमें संस्थानों में IIT दिल्ली, IIT बॉम्बे, IIT मद्रास, IIT कानपुर, IIT हैदराबाद, IIT धनबाद और IISc बेंगलुरु शामिल हैं। चुने हुए उमीदवारों को इन संस्थानों और राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्रों के साथ मिलकर अलग-अलग परियोजनाओं पर काम करने का मौका मिलेगा।
PMRC के अंतर्गत इन अनुसंधान केंद्रों को देश की उभरती हुई टेक्नोलॉजी, नए प्रयोगों और तकनीकी परिवेश के साथ जोड़ा जाएगा। इसके प्रमुख क्षेत्र Artificial intelligence, Quantum Computing, Semiconductor Technology, साइबर सुरक्षा, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य एवं मेडटेक, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, अंतरिक्ष, रक्षा, अगली पीढ़ी की संचार तकनीक, कृषि एवं खाद्य प्रौद्योगिकी, ब्लू इकोनॉमी और परमाणु ऊर्जा हैं।
चयनित फेलो को एकमुश्त रिसर्च ग्रांट, स्थानांतरण सहायता तथा अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और अनुसंधान संरचना का उपयोग करने की सुविधा मिलेगी। योजना को Young Research Fellow (YRF), Senior Fellow (SF) और Research Chair (RC) श्रेणियों में बांटा गया है, जिनकी योग्यता पोस्ट-पीएचडी अनुभव के आधार पर निर्धारित की गई है।
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