PM मोदी ने किया 'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन, अब PMO के नए पते से चलेगी सरकार
देश की सरकार अब दिल्ली के नए पते से चलेगी. प्रधानमंत्री मोदी ने 13 फरवरी को औपचारिक रूप से पीएमओ से कार्यालय का स्थानांतरण कर दिया है. उन्होंने 'नागरिक देवो भव' की सोच के साथ सेवा तीर्थ से कार्य प्रारंभ किया.

Seva Teerth: PMO से प्रधानमंत्री कार्यालय को आज के दिन सेवा तीर्थ में स्थानांतरित कर दिया गया. पीएम द्वारा सेवा तीर्थ का उद्घाटन किया गया. 13 फरवरी के दिन को चुने जाने के पीछे दो कारण बताए जा रहे हैं. एक तो हिन्दू धर्म में विजया एकादशी का बहुत महत्व बताया गया है. मान्यता है कि इस दिन किए गए कार्यों में सफलता मिलने की अधिकांश संभावना रहती है.
दूसरा कारण आज के दिन का जुड़ाव इतिहास से बताया जा रहा है. इतिहास के पन्नों को यदि पलटा जाए तो हमें ज्ञात होगा कि साल 1931 में 13 फरवरी को ही औपचारिक रूप से दिल्ली को भारत की राजधानी घोषित किया गया था.
नए आरंभ का साक्षी बन रहा सेवा तीर्थ
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेवा तीर्थ नए आरंभ का साक्षी बन रहा है. सेवा तीर्थ जनता की अपेक्षाओं को आगे बढ़ाने का आधार होगा. जहां से देश चलता है वह जगह प्रेरणदायी होनी चाहिए. पुरानी इमारतें जर्जर हो रही थीं. वहां जगह की भी कमी थी. नॉर्थ-साउथ ब्लॉक की इमारतें देश के इतिहास का हिस्सा हैं. इसीलिए उसे म्यूजियम बनाने का फैसला किया गया है. कर्तव्य भवन के निर्माण के कर्मचारियों का समय बचेगा. इसके निर्माण में कम खर्च होगा.
सेवा तीर्थ से पीएम का पहला फैसला
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में महिलाओं, युवाओं और संवेदनशील नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निर्णयों की फाइलों पर हस्ताक्षर किए. प्रधानमंत्री मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में पीएम राहत योजना, लखपति दीदी की संख्या बढ़ाकर छह करोड़ करने के लक्ष्य से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किए. प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि अवसंरचना निधि दोगुनी बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपए करने से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किए.
पीएम राहत योजना
यह हर नागरिक के लिए जीवन रक्षक सुरक्षा योजना है. प्रधान मंत्री ने पीएम राहत योजना की लॉन्चिंग को मंजूरी दे दी है. इस पहल के तहत, दुर्घटना के शिकार व्यक्तियों को बिना नकद भुगतान के इलाज मिलेगा, जिसकी सीमा 1.5 लाख रुपए तक होगी. इससे फायदा यह होगा कि हादसा होने पर इलाज के अभाव में किसी की जान नहीं जाएगी.
लखपति दीदी का टारगेट डबल
सरकार ने 3 करोड़ लखपति दीदियों का मील का पत्थर पार कर लिया है. यह मूल मार्च 2027 की समय-सीमा से एक साल पहले ही हो गया. प्रधानमंत्री ने अब मार्च 2029 तक 6 करोड़ लक्षपति दीदियों का नया, महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जो आकार और महत्वाकांक्षा दोनों में दुगुना है.
किसानों को भी सौगात
इन फैसलों में किसानों के लिए भी सौगात है. भारत की संपूर्ण कृषि मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री ने कृषि अवसंरचना कोष की राशि को ₹1 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹2 लाख करोड़ करने की मंजूरी दी है.
स्टार्टअप का भी बढ़ा फंड
भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम, खासतौर पर डीप टेक्निक, शुरुआती स्तर के विचारों, उन्नत निर्माण और अग्रणी तकनीकों को सशक्त बनाने के लिए, प्रधानमंत्री ने ₹10,000 करोड़ की फंड के साथ स्टार्टअप इंडिया एफओएफ 2.0 को मंजूरी दी है.
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