खोरठा भाषा पर एकदिवसीय सेमिनार 23 मई को, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और रामलखन सिंह यादव कॉलेज में होगा आयोजन
खोरखा भाषा के विकास और संरक्षण को लेकर एक विशेष सेमिनार का आयोजन रांची में किया जा रहा है. 23 मई को होने वाला यह आयोजन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और रामलखन सिंह यादव कॉलेज में संयुक्त रूप से किया जाएगा.

Ranchi, Jharkhand: क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन एवं विकास के उद्देश्य से आगामी 23 मई 2026 को खोरठा भाषा पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया जाएगा. यह कार्यक्रम इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र रांची केंद्र और कोकर स्थित रामलखन सिंह यादव कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा.
बताया जा रहा है कि सेमिनार की मुख्य अतिथि डॉ. सरोज शर्मा होंगी. कार्यक्रम में डॉ. कुमार संजय झा- निदेशक IGNCA , झारखंड, हिन्दी के प्रख्यात विद्वान डॉ. कमल बोस तथा जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग, श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के समन्वयक डॉ विनोद कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे.
इस सेमिनार में खोरठा भाषा एवं साहित्य से जुड़े अनुभवी वक्ताओं, प्राध्यापक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं एवं भाषा प्रेमियों का व्यापक जुटान होना है. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खोरठा भाषा की समृद्ध परंपरा, लोकसंस्कृति, साहित्यिक योगदान तथा वर्तमान समय में इसकी चुनौतियों एवं संभावनाओं पर गंभीर विमर्श करना है.
कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में खोरठा भाषा के इतिहास, लोक साहित्य, आधुनिक लेखन, शिक्षा, मीडिया एवं समाज में इसके योगदान पर चर्चा की जाएगी. साथ ही शोध पत्र वाचन, विचार गोष्ठी एवं संवाद सत्र के माध्यम से भाषा के संरक्षण एवं नई पीढ़ी तक इसके प्रसार पर विशेष बल दिया जाएगा.
सेमिनार के आयोजन सचिव डॉ. अमित कुमार ने कहा कि यह सेमिनार खोरठा भाषा के उन्नयन, संरक्षण एवं विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त होगा तथा युवा पीढ़ी में खोरठा भाषा के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ेगी.
सेमिनार के सफल आयोजन हेतु रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय के खोरठा भाषा विभाग, जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग तथा आईक्यूएसी (IQAC) टीम आयोजन मंडल के रूप में सक्रिय भूमिका निभाएगी. आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. आयोजकों के अनुसार यह सेमिनार खोरठा भाषा को अकादमिक एवं सामाजिक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा.
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

सरफिरे आशिक ने एकतरफा प्यार में लड़की को घर में घुसकर मारी गोली, चीख-पुकार मचने से पहले हुआ फरार

यूट्यूबर मिशु मंडल के समर्थन में उमड़ी भारी भीड़.. पुलिस के खिलाफ लगे नारे, आरोपी भीड़ भड़काने के आरोप में जेल में है बंद







