Oak Elegance विवाद: निवासियों और बिल्डर के बीच मेंटेनेंस व सुविधाओं को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज
सोसाइटी के निवासियों ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2023 से सुरक्षा, लिफ्ट, साफ-सफाई, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं में लगातार कमी बनी हुई है।बिल्डर एन. के. कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड ने इन आरोपों को एकपक्षीय और भ्रामक बताते हुए कहा है कि सोसाइटी की सुरक्षा, लिफ्ट, सफाई, बिजली, पानी एवं अन्य...

रांची, 30 जून 2026: पुंदाग स्थित ओक एलिगेंस आवासीय परियोजना में मेंटेनेंस शुल्क और मूलभूत सुविधाओं को लेकर निवासियों तथा बिल्डर एन. के. कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड (NKCPL) के बीच विवाद गहरा गया है। दोनों पक्षों ने अलग-अलग प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एक-दूसरे के दावों को खारिज करते हुए अपना-अपना पक्ष सार्वजनिक किया है।
सोसाइटी के निवासियों ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2023 से सुरक्षा, लिफ्ट, साफ-सफाई, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं में लगातार कमी बनी हुई है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष का मेंटेनेंस शुल्क अग्रिम रूप से जमा करने के बावजूद सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और मेंटेनेंस मद में हुए खर्च का कोई ऑडिटेड एवं पारदर्शी विवरण भी साझा नहीं किया गया।
निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि ए, बी और सी टॉवर की बिजली एवं पानी का उपयोग उनकी सहमति के बिना डी ब्लॉक के निर्माण कार्य में किया जा रहा है। उनका कहना है कि वे मेंटेनेंस शुल्क देने के विरोध में नहीं हैं, बल्कि सेवाओं में सुधार, वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने के बाद ही भुगतान करना चाहते हैं। प्रदर्शन कर रहे निवासियों ने सुरक्षा, लिफ्ट, सफाई और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं की तत्काल बहाली तथा मेंटेनेंस खर्च का ऑडिटेड विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।
वहीं, बिल्डर एन. के. कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड ने इन आरोपों को एकपक्षीय और भ्रामक बताते हुए कहा है कि सोसाइटी की सुरक्षा, लिफ्ट, सफाई, बिजली, पानी एवं अन्य साझा सुविधाओं का संचालन केवल मेंटेनेंस शुल्क से प्राप्त राशि के आधार पर किया जाता है। कंपनी के अनुसार, वर्तमान में विभिन्न फ्लैटों पर लगभग ₹50 लाख का मेंटेनेंस शुल्क बकाया है, जिसके कारण कुछ सेवाओं को सीमित करना उनकी मजबूरी बन गई है।
कंपनी का कहना है कि प्रत्येक फ्लैट का बकाया विवरण कार्यालय में उपलब्ध है और संबंधित फ्लैट मालिक इसे देख सकते हैं। कंपनी ने यह भी दावा किया कि वह मेंटेनेंस संबंधी अभिलेख निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध कराने के लिए तैयार है तथा सभी निवासियों से बकाया राशि जमा कर सोसाइटी के संचालन में सहयोग करने की अपील की है। साथ ही कंपनी ने कहा है कि यदि किसी के पास किसी भी प्रकार के आरोपों के समर्थन में प्रमाण हैं तो उन्हें सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
विवाद के बीच दोनों पक्षों ने संवाद और समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है। जहां निवासी सुविधाओं की बहाली और वित्तीय पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, वहीं बिल्डर का कहना है कि नियमित मेंटेनेंस शुल्क प्राप्त होने पर सभी सेवाओं का संचालन सामान्य रूप से किया जा सकेगा।
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में किसी सक्षम सरकारी प्राधिकारी या न्यायिक संस्था की ओर से कोई अंतिम निर्णय अथवा आदेश जारी नहीं किया गया है।
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