लापरवाही!, गिरीडीह में गरीबों के हिस्से का 31 क्विंटल चना दाल गोदाम में पड़ा-पड़ा हुआ खराब
बताया जा रहा है कि तिसरी प्रखंड के गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच वितरण के लिए 31 क्विंटल चना दाल का स्टॉक एफसीआई गोदाम में भेजा गया था। मकसद था कि समय पर दाल का वितरण कर जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ दिया जा सके

Giridih: गिरिडीह तिसरी प्रखंड में गरीबों के बीच बांटने के लिए आया 31 क्विंटल चना दाल गोदाम में पड़े-पड़े पूरी तरह खराब हो गया। आरोप है कि आपूर्ति विभाग और प्रखंड स्तर के अधिकारियों की लापरवाही के कारण समय पर दाल का वितरण नहीं हो सका और पूरा स्टॉक सड़ गया। अब हालत यह है कि यह दाल जरूरतमंदों के बीच बांटने लायक भी नहीं बची है।
शुक्रवार को मामले की जानकारी मिलने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के तिसरी प्रखंड नेता रिंकू एफसीआई गोदाम पहुंचे और वहां रखे दाल के स्टॉक का जायजा लिया। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर प्रखंड के अधिकारियों पर जमकर निशाना साधा।
गरीबों के लिए आया था दाल, गोदाम में ही हो गया खराब
बताया जा रहा है कि तिसरी प्रखंड के गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच वितरण के लिए 31 क्विंटल चना दाल का स्टॉक एफसीआई गोदाम में भेजा गया था। मकसद था कि समय पर दाल का वितरण कर जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ दिया जा सके।
लेकिन काफी समय तक गोदाम में पड़े रहने के कारण पूरा स्टॉक खराब हो गया। आरोप है कि समय पर इसकी सुध नहीं ली गई और न ही वितरण को लेकर गंभीरता दिखाई गई।
JMM नेता बोले- इतने बड़े स्टॉक का क्या हुआ हिसाब?
गोदाम पहुंचे JMM नेता रिंकू ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि गरीबों के बीच बांटने के लिए आया 31 क्विंटल दाल अब पूरी तरह खराब हो चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तिसरी प्रखंड के अधिकारी गरीबों के हित में काम करने के बजाय लापरवाही बरत रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार ने गरीबों को समय पर राशन उपलब्ध कराने के लिए स्टॉक भेजा था, लेकिन अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण जरूरतमंदों तक दाल पहुंचने से पहले ही खराब हो गया।
अब जरूरतमंदों को कैसे मिलेगा दाल?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब गरीबों के बीच वितरण के लिए आया पूरा स्टॉक खराब हो गया तो अब जरूरतमंद परिवारों को चना दाल कैसे और कब मिलेगा?
साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि 31 क्विंटल दाल आखिर कितने समय से गोदाम में पड़ा था और इसके वितरण में देरी क्यों हुई? अगर दाल समय पर वितरित हो जाता तो इसे खराब होने से बचाया जा सकता था।
BDO से फोन पर जानकारी लेने की कोशिश, नहीं उठा कॉल
मामले को लेकर तिसरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी मनीष कुमार से फोन पर जानकारी लेने का प्रयास किया गया। हालांकि, आरोप है कि उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
ऐसे में इस पूरे मामले में प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आ सका है। दाल कब गोदाम में पहुंचा, वितरण क्यों नहीं हुआ और स्टॉक खराब होने के लिए जिम्मेदारी किसकी है, इन सवालों का जवाब अभी बाकी है।
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