गवाही से पहले बड़े भाई का 'मर्डर'!, एक्सीडेंट के नाम पर रची गई खौफनाक साजिश, 17 अगस्त को आएगा फैसला
रांची के मांडर में गवाही से पहले बड़े भाई की हत्या के चर्चित मामले में कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। 17 अगस्त को फैसला आएगा।

Ranchi: रांची स्थित अपर न्याययुक्त संजीव झा की अदालत में एक चर्चित और खौफनाक मर्डर केस की सुनवाई पूरी हो गई है। अदालत में हत्या के आरोपी शहीम अंसारी का बयान दर्ज किया गया। बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोर्ट ने इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत अब आने वाली 17 अगस्त को इस पूरे मामले पर अपना अंतिम फैसला सुनाएगी।
गवाही से ठीक पहले रची गई हत्या की साजिश
यह मामला बेहद सनसनीखेज है, जिसमें अपने भाई के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए कोर्ट में गवाही देने जा रहे बड़े भाई को ही मौत के घाट उतार दिया गया था। ट्रायल फेस कर रहे आरोपी शहीम अंसारी और उसके साथियों पर आरोप है कि उन्होंने गवाह को रास्ते से हटाने के लिए सोची-समझी योजना बनाई थी। गवाही दर्ज होने से पहले ही बड़े भाई की एक सोची-समझी दुर्घटना (एक्सीडेंट) कराकर हत्या कर दी गई थी।
रेकी करके बाइक में मारी टक्कर, मौके पर ही तोड़ दिया दम
यह पूरी घटना 27 सितंबर 2021 की है, जो मांडर थाना क्षेत्र से जुड़ी है। दर्ज FIR और प्राथमिक जानकारियों के मुताबिक, मांडर थाना क्षेत्र के मुड़मा निवासी सुबोधनंद तिवारी की पहले हत्या की गई थी। इस हत्याकांड में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए उनके बड़े भाई रवींद्रनंदन तिवारी का कोर्ट में बयान दर्ज होना था। गवाही रोकने के लिए आरोपियों ने उनके मुड़मा आने-जाने के रास्तों की बाकायदा रेकी की थी। 27 सितंबर 2021 को जब रवींद्रनंदन तिवारी अपनी बाइक से मुड़मा चौक जा रहे थे, तभी पूर्व नियोजित साजिश के तहत उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी गई, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी।
17 अगस्त को आएगा कोर्ट का फैसला
अदालत में आरोपी शहीम अंसारी का बयान दर्ज होने के बाद अब सभी पक्षों की नजरें 17 अगस्त पर टिक गई हैं। कोर्ट इस बात का फैसला करेगी कि एक्सीडेंट के रूप में अंजाम दी गई इस खौफनाक वारदात के पीछे साजिशकर्ताओं की कितनी बड़ी भूमिका थी। 17 अगस्त को आने वाले फैसले से यह साफ होगा कि आरोपियों को इस जघन्य अपराध के लिए क्या सजा मिलती है।
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