तेज प्रताप यादव को मंत्री ने भेजा ₹50 करोड़ का मानहानि नोटिस, 7 दिन में माफी मांगे वरना...
बिहार सरकार के मंत्री संजय कुमार सिंह ने तेज प्रताप यादव को ₹50 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है। नोटिस में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कथित झूठे और मानहानिकारक आरोप लगाने का दावा किया गया है।


पटना। बिहार की राजनीति में एक और विवाद गहराता नजर आ रहा है। बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री और महुआ विधायक संजय कुमार सिंह ने तेज प्रताप यादव को ₹50 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है। नोटिस में तेज प्रताप यादव पर सोशल मीडिया के जरिए मंत्री के खिलाफ कथित तौर पर झूठे, भ्रामक और मानहानिकारक आरोप लगाने का आरोप लगाया गया है।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद
कानूनी नोटिस के मुताबिक, 29 अगस्त को तेज प्रताप यादव के सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट साझा की गई थी। इसमें दिल्ली के एक होटल में एक युवती के साथ कथित अभद्र व्यवहार और करीब ₹25 लाख के कथित लेन-देन से जुड़े आरोप लगाए गए थे। मंत्री संजय कुमार सिंह की ओर से भेजे गए नोटिस में इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण बताया गया है। नोटिस में कहा गया है कि इस तरह के आरोपों से मंत्री की सार्वजनिक छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
7 दिन में पोस्ट हटाने और माफी की मांग
नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि सोशल मीडिया पोस्ट के साथ एक कथित मॉर्फ्ड या फर्जी तस्वीर प्रसारित की गई। मंत्री की ओर से इसे भी उनकी छवि खराब करने की कोशिश बताया गया है। संजय कुमार सिंह की ओर से कहा गया है कि पोस्ट और उससे जुड़े आरोपों का कोई आधार नहीं है और इनके जरिए उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
मानहानि नोटिस में तेज प्रताप यादव से सात दिनों के भीतर संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट हटाने की मांग की गई है। इसके साथ ही सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने और भविष्य में इस तरह की टिप्पणी दोबारा नहीं करने का लिखित आश्वासन देने को कहा गया है। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा के भीतर इन मांगों का पालन नहीं किया गया तो तेज प्रताप यादव के खिलाफ सिविल और आपराधिक कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
₹50 करोड़ हर्जाने की मांग
मंत्री की ओर से कथित मानहानि के कारण हुई प्रतिष्ठागत क्षति का हवाला देते हुए ₹50 करोड़ के हर्जाने की भी मांग की गई है। यह रकम नोटिस में बतौर क्षतिपूर्ति मांगी गई है। नोटिस में 30 अगस्त को प्रस्तावित तेज प्रताप यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी उल्लेख किया गया है। इसमें उन्हें कथित आरोपों को किसी सार्वजनिक मंच से दोहराने से बचने की चेतावनी दी गई है। मंत्री की ओर से कहा गया है कि यदि आरोपों को दोबारा सार्वजनिक रूप से दोहराया जाता है तो कानूनी कार्रवाई को और आगे बढ़ाया जा सकता है।
मानहानि नोटिस सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। मामला सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू होकर अब कानूनी नोटिस और संभावित सिविल-क्रिमिनल कार्रवाई तक पहुंच गया है। हालांकि, तेज प्रताप यादव की ओर से इस मानहानि नोटिस पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि वह नोटिस का क्या जवाब देते हैं और क्या संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आगे कोई कानूनी कदम उठाया जाता है।

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

'दिल्ली में सुलझा सोन नदी जल बंटवारा', 25 साल बाद बिहार-झारखंड में बनी सहमति, अमित शाह की मौजूदगी में हुआ MoU

BPSC TRE 4.0 पर बड़ा अपडेट! 1 सितंबर से नहीं होगा आवेदन, 32,388 अभ्यर्थियों को झटका, जाने क्या है नया अपडेट!







