Jharkhand (Ranchi): भारतीय शिक्षण मंडल झारखंड प्रांत के प्रान्तीय टोली सदस्यों ने बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से शिष्टाचार भेंट की. इस दौरान शिक्षा प्रणाली में सुधार और गुणवत्ता युक्त शिक्षा पर चर्चा की गई.
राज्यपाल महोदय ने महिला शिक्षिकाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में महिला शिक्षकों की भूमिका केवल कक्षा तक सीमित नहीं है. वह समाज की वैचारिक दिशा तय करने वाली शक्ति है. शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय शिक्षण मंडल द्वारा किए जा रहे कार्यों की सरहाना की. शिक्षा के क्षेत्र में मंडल द्वारा किए जा रहे प्रयासों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन को लेकर भी चर्चा की गई. इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति को आधुनिक शिक्षा का हिस्सा बनाया जाए. यह शिष्टाचार भेंट भारतीय शिक्षा के भारतीयकरण और सांस्कृतिक मूल्यों के पुनर्जागरण के प्रयासों के अंतर्गत की गई.
इस अवसर पर राज्यपाल को भारतीय शिक्षण मंडल झारखंड प्रांत की ओर से पारंपरिक झारखंडी पगड़ी, अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न के रूप में मोमेंटो व पुष्प गुच्छ प्रदान किया गया.
बताया गया कि बीते दिनों भारतीय शिक्षण मंडल के तत्वावधान में पटना विश्वविद्यालय में उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार व झारखंड तीनों प्रान्त की बैठक आयोजित की गई थी. उस दौरान महामहिम राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अपना अभिभाषण दिया था. जिससे प्रांत के लोग काफी प्रभावित हुए थे.
इस अवसर पर भारतीय शिक्षण मंडल के प्रांत अध्यक्ष डॉ रणजीत कुमार मिश्रा, प्रांत मंत्री डॉ सुभाष साहु, व्यवस्था प्रमुख डॉ राहुल कुमार, युवा गतिविधि प्रमुख डॉ सुबोध कुमार, सह प्रमुख डॉ पवन कुमार, विश्वविद्यालय गतिविधि प्रमुख डॉ पार्वती मुण्डू, महिला गतिविधि प्रमुख डॉ सपना त्रिपाठी, सह प्रमुख डॉ प्रिया पांडेय आदि उपस्थित रहे.









