गिरिडीह उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई: गदरमा और जोभी गांव में तोड़ी गईं महुआ शराब की भट्ठियां
गिरिडीह में अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ उत्पाद विभाग ने शुक्रवार को मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गदरमा और जोभी गांव में छापेमारी की. टीम ने बड़े पैमाने पर संचालित शराब की भट्ठियों को ध्वस्त करते हुए 9,000 किलो जावा महुआ नष्ट किया और 400 लीटर शराब को बहा दिया.

Giridih, Jharkhand : जिले में अवैध और नकली शराब के निर्माण व बिक्री के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए उत्पाद विभाग की टीम पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है. इसी कड़ी में विभाग को शुक्रवार को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. उत्पाद विभाग की विशेष टीम ने मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गदरमा और जोभी गांव में औचक छापेमारी (रेड) की. इस कार्रवाई के दौरान दोनों ही गांवों में बड़े पैमाने पर संचालित की जा रही जानलेवा महुआ शराब की कई अवैध भट्ठियों को पूरी तरह तोड़कर जमींदोज कर दिया गया.
9000 किलो जावा महुआ नष्ट, धंधेबाज फरार
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान टीम ने भट्ठियों के पास ड्रमों और गड्ढों में छिपाकर रखे गए लगभग 9,000 किलोग्राम कच्चे जावा महुआ को मौके पर ही नष्ट कर दिया. इसके साथ ही, अवैध रूप से तैयार की जा चुकी करीब 400 लीटर तैयार महुआ शराब को भी बहाकर नष्ट कर दिया गया. हालांकि, पुलिस और उत्पाद विभाग की भनक लगते ही शराब के मुख्य धंधेबाज और माफिया मौके से भागने में सफल रहे. स्थिति यह थी कि कार्रवाई के समय शराब भट्ठी के पास काम करने वाला एक भी मजदूर प्रशासन के हाथ नहीं लग सका.
जमुआ क्षेत्र में भी हुई थी कड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि उत्पाद विभाग की यह कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही. इससे पूर्व, गुरुवार को भी टीम ने जमुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खरगडीहा, खरीदीह सहित कई अन्य सुदूर ग्रामीण इलाकों में व्यापक स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया था. गुरुवार को हुई कार्रवाई में भी टीम ने कई अवैध भट्ठियों को पूरी तरह ध्वस्त किया था. उस दौरान मौके से लगभग 1,500 किलोग्राम जावा महुआ जब्त करने के साथ-साथ 160 लीटर तैयार महुआ शराब को नष्ट किया गया था. दो दिनों के भीतर हुई इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है.
खपाने वाले नेटवर्क की तलाश में जुटा विभाग
इस लगातार हो रही छापेमारी के बाद अब उत्पाद विभाग के आला अधिकारी इस पूरे सिंडिकेट के नेटवर्क को खंगालने में जुट गए हैं. टीम के पदाधिकारी अब इस बात की गहनता से जानकारी जुटा रहे हैं कि आखिर इन दोनों गांवों में इस जानलेवा शराब के अवैध निर्माण के पीछे मुख्य रूप से कौन-कौन लोग शामिल हैं. इसके साथ ही, इतने बड़े पैमाने पर तैयार की जा रही जहरीली और जानलेवा शराब को जिले के किन-किन क्षेत्रों और होटलों में खपाया जाता था, इसकी भी बैकवर्ड और फॉरवर्ड कड़ियों को जोड़ा जा रहा है. विभाग का कहना है कि फरार धंधेबाजों को चिह्नित कर जल्द ही उनके खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
(गिरिडीह से मनोज कुमार पिंटू की रिपोर्ट)
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